
उमरिया जिले के मानपुर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत असोढ़ में सरकारी धन का खुलेआम दुरुपयोग होने का मामला सामने आया है। यहां 18 लाख रुपये की लागत से बने तालाब और 7 लाख रुपये की लागत से बनी पुलिया में घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे स्थानीय लोगों में भारी रोष है।
स्थानीय निवासी अजय बर्मन ने बताया कि तालाब और पुल के निर्माण में रेत की जगह डस्ट, कंक्रीट की जगह बड़े पत्थर और खराब सीमेंट का उपयोग किया गया। जब उन्होंने सचिव से इस बारे में सवाल किया, तो सचिव ने गुस्से में उन्हें भला-बुरा कहा और “तुमको जहां जाना हो वहां जाकर शिकायत कर दो, हमको कोई फर्क नहीं पड़ता” जैसी अनुचित प्रतिक्रिया दी। अजय ने आरोप लगाया कि एक लाख रुपये के काम में केवल 20 से 30 हजार रुपये ही वास्तव में खर्च किए जाते हैं। उन्होंने सीईओ से शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्राम पंचायत के वार्ड क्रमांक 13 के पंच राम टहल यादव ने कहा कि निर्माण समिति का सदस्य होने के बावजूद उन्हें किसी भी कार्य की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि 14 लाख 80 हजार रुपये की लागत से बने तालाब में खुदाई के दौरान निकले पत्थरों का उपयोग पिचिंग में कर दिया गया और काम का भुगतान पूरी तरह हो चुका है। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
इस मामले पर जिला पंचायत के सीईओ अभय सिंह ओहरिया ने कहा कि तालाब पूरा हुआ या नहीं, यह जांच का विषय है। उन्होंने आश्वस्त किया कि तालाब और पुल के निर्माण में खर्च और निर्माण सामग्री की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताते हुए दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।