
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आज उत्तर प्रदेश असीमित संभावनाओं को ठोस परिणामों में बदलने वाला प्रदेश बन चुका है। शुक्रवार को सरोजनीनगर में अशोक लेलैंड के अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) विनिर्माण संयंत्र के शुभारंभ के अवसर पर उन्होंने यह बात कही। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान अराजकता और अव्यवस्था से जुड़ी थी, जिसके कारण निवेशक प्रदेश से पलायन कर रहे थे। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के सभी 75 जिलों में निवेश हो रहा है और उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनकर उभरा है।
इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज आर्थिक विकास का पर्याय बन चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निर्धारित ‘विकसित भारत @2047’ का लक्ष्य उत्तर प्रदेश के माध्यम से ही साकार होगा।
अशोक लेलैंड के इस ईवी प्लांट में प्रारंभिक रूप से प्रतिवर्ष 2500 इलेक्ट्रिक बसों का निर्माण किया जाएगा, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 5000 यूनिट प्रति वर्ष करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि देश में बने कुल एक्सप्रेस-वे का 55 प्रतिशत हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश में है, जो प्रदेश की बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक संभावनाओं को दर्शाता है।
हिंदुजा समूह के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने कहा कि यह नया संयंत्र कंपनी और राज्य दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि अशोक लेलैंड का लक्ष्य दुनिया के शीर्ष 10 वाणिज्यिक वाहन निर्माताओं में शामिल होना है।
कार्यक्रम में यह भी घोषणा की गई कि युवाओं को रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए हिंदुजा समूह राज्य सरकार के साथ एमओयू करेगा। इसके तहत प्लांट में हर वर्ष लगभग 10 हजार युवाओं को स्किल डेवलपमेंट का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘फियरलेस बिजनेस’, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ट्रस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस’ आज नए उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में कोई भी निवेशक नीतिगत अस्थिरता या अनिश्चितता का शिकार नहीं होता।