Saturday, January 10

सैन्य शक्ति में भारत चौथे स्थान पर, दुनिया के 10 सबसे ताकतवर देशों की सूची जारी

 

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वॉशिंगटन।
दुनिया भर में बढ़ते सैन्य तनाव और जारी संघर्षों के बीच हर देश अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत करने में जुटा है। इसी क्रम में ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2025 ने सैन्य शक्ति के आधार पर दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों की सूची जारी की है। इस रैंकिंग में भारत ने एक बार फिर अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराते हुए चौथा स्थान हासिल किया है।

गौरतलब है कि इस सूची में पाकिस्तान को टॉप 10 में जगह नहीं मिल पाई है। ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स की यह रैंकिंग केवल सैनिकों की संख्या पर आधारित नहीं है, बल्कि इसमें सैन्य तकनीक, आर्थिक क्षमता, रणनीतिक पहुंच, हथियार प्रणालियां और लॉजिस्टिक सपोर्ट जैसे 60 से अधिक महत्वपूर्ण कारकों का विश्लेषण किया गया है। वर्ष 2025 की इस रिपोर्ट में कुल 145 देशों का अध्ययन किया गया।

पावर इंडेक्स स्कोर से तय होती है रैंकिंग

ग्लोबल फायरपावर प्रत्येक देश को एक पावर इंडेक्स (PwrIndx) स्कोर देता है। इस स्कोर में जितना कम अंक होता है, उस देश की सैन्य शक्ति उतनी ही अधिक मानी जाती है।

दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली देश (2025)

  1. अमेरिका – 0.0744
  2. रूस – 0.0788
  3. चीन – 0.0788
  4. भारत – 0.1184
  5. दक्षिण कोरिया – 0.1656
  6. यूनाइटेड किंगडम – 0.1785
  7. फ्रांस – 0.1878
  8. जापान – 0.1839
  9. तुर्की – 0.1902
  10. इटली – 0.2164

अमेरिका शीर्ष पर बरकरार

रैंकिंग में अमेरिका पहले स्थान पर बना हुआ है। अमेरिका के पास दुनिया की सबसे उन्नत सैन्य तकनीक, शक्तिशाली वायुसेना और मजबूत नौसेना है। वैश्विक स्तर पर फैले उसके सैन्य ठिकाने उसकी रणनीतिक बढ़त को और मजबूत करते हैं।

रूस और चीन की बराबरी

रूस और चीन दूसरे और तीसरे स्थान पर लगभग समान शक्ति के साथ मौजूद हैं। रूस के पास टैंक, तोपखाने और परमाणु हथियारों का विशाल भंडार है, जबकि चीन ने तेजी से अपनी सेना का आधुनिकीकरण करते हुए दुनिया का सबसे बड़ा नौसैनिक बेड़ा तैयार किया है।

भारत की बढ़ती सैन्य ताकत

भारत दुनिया की चौथी सबसे शक्तिशाली सैन्य शक्ति बनकर उभरा है। भारत के पास विशाल सक्रिय सेना, मजबूत रणनीतिक स्थिति और तेजी से बढ़ता स्वदेशी रक्षा उद्योग है। आयातित हथियारों के साथ-साथ देश में निर्मित आधुनिक हथियार प्रणालियों ने भारत की सैन्य क्षमता को नई मजबूती दी है।

एशिया और यूरोप के देश भी मजबूत

दक्षिण कोरिया, जापान और तुर्की जैसे देशों ने आधुनिक तकनीक, ड्रोन, नौसेना और साइबर युद्ध क्षमताओं में निवेश कर अपनी स्थिति मजबूत की है। वहीं ब्रिटेन, फ्रांस और इटली NATO की सामूहिक सैन्य ताकत में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

वैश्विक शक्ति संतुलन की तस्वीर

ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स की यह सूची मौजूदा वैश्विक शक्ति संतुलन को दर्शाती है, जहां सैन्य क्षमता केवल हथियारों की संख्या नहीं, बल्कि तकनीक, रणनीति और आर्थिक मजबूती का भी प्रतिबिंब है।

 

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