
पटना: रेलवे में नौकरी के बदले जमीन घोटाले में बड़ा मोड़ आया है। कोर्ट ने इस मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों पर आरोप तय कर दिए हैं। इस केस में लालू की पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती, बेटे तेज प्रताप यादव, तेजस्वी यादव और परिवार की अन्य सदस्य हेमा यादव भी आरोपी हैं।
क्या है लैंड फॉर जॉब केस:
इस मामले में आरोप है कि लालू प्रसाद यादव ने UPA-1 सरकार (2004-2009) में रेल मंत्री रहते हुए ग्रुप डी भर्ती में धांधली की। नौकरी देने के बदले उन्होंने लोगों से जमीनें लीं। ईडी की चार्जशीट के अनुसार, लालू परिवार को 7 जगहों पर जमीन मिली और लगभग 600 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है।
घोटाले की खुली पोल:
लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री के रूप में बिना विज्ञापन जारी किए ग्रुप डी की भर्ती कर रहे थे। नौकरी के बदले रिश्वत के तौर पर उन्होंने लोगों से जमीन ली। CBI के अनुसार, 12 लोगों से कुल 7 प्लॉट हासिल किए गए, जिनमें से लगभग 4 करोड़ की जमीन सिर्फ 26 लाख रुपये में लालू परिवार के नाम करवा दी गई।
CBI की कार्रवाई:
CBI ने लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज किया। जांच के अनुसार, लालू ने अपने परिवार के सदस्यों—राबड़ी, मीसा, तेजस्वी और हेमा—के नाम पर यह जमीनें अर्जित की।
राजनीतिक और कानूनी झटका:
कोर्ट के फैसले के बाद राजद और लालू परिवार को बड़ा झटका लगा है। यह मामला बिहार की राजनीति और प्रशासनिक इतिहास में एक गंभीर घोटाले के रूप में दर्ज होगा।