
बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद अब मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार के गठन के साथ बांग्लादेश-पाकिस्तान संबंधों में एक नया अध्याय खुल रहा है। जानकारी के अनुसार, मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश को पाकिस्तान के पाले में खड़ा करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। यह बदलाव पाकिस्तान के साथ आर्थिक, सांस्कृतिक और रक्षा संबंधों को मजबूती देने का प्रयास माना जा रहा है।
बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच बढ़ते रिश्ते
मोहम्मद यूनुस के मुख्य सलाहकार बनने के बाद से बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच रिश्ते तेज़ी से प्रगति कर रहे हैं। पाकिस्तान ने ढाका में अपनी ISI (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) की सक्रियता बढ़ा दी है, जिससे दोनों देशों के बीच गहरे रिश्तों की ओर इशारा मिलता है। विशेषकर 2025 के बाद से दोनों देशों के बीच व्यापार और रक्षा सहयोग में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी देखी जा रही है।
रक्षा सौदों की ओर एक कदम
पाकिस्तान ने बांग्लादेश को JF-17 थंडर लड़ाकू विमान बेचने का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा, पाकिस्तान बांग्लादेश को 155 मिमी आर्टिलरी के 40,000 राउंड गोला-बारूद भी प्रस्तावित कर रहा है। साथ ही, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच सैन्य संबंधों में भी विस्तार हो रहा है, जिसमें पाकिस्तान के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन जनरल साहिर शमशाद मिर्ज़ा का अक्टूबर में ढाका दौरा और दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते सैन्य संपर्क इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि ये रिश्ते केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सुरक्षा क्षेत्र में भी मजबूत होंगे।
व्यापारिक संबंधों में वृद्धि
2023 में पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय व्यापार 1.5 अरब डॉलर के आसपास था, जिसमें प्रमुख रूप से पाकिस्तान से कपास, रसायन और मशीनरी का निर्यात शामिल था। 2024 में बांग्लादेश को पाकिस्तान का निर्यात बढ़कर 778 मिलियन डॉलर तक पहुँच गया, जो बांग्लादेश द्वारा पाकिस्तान से आयात में 27 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच संयुक्त आर्थिक आयोग (JEC) की बैठक भी अक्टूबर 2025 में ढाका में आयोजित की गई थी, जो बांग्लादेश और पाकिस्तान के रिश्तों में आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने का प्रतीक है।
बांग्लादेश का रुख बदलने से भारत के लिए चिंताएं
विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश के पाकिस्तान के साथ बढ़ते रिश्तों से भारत को चिंता हो सकती है, क्योंकि भारत हमेशा बांग्लादेश का करीबी साझेदार रहा है। वर्तमान में, बांग्लादेश और भारत के रिश्ते में दूरी आ रही है, और कई विशेषज्ञ बांग्लादेश को “नया पाकिस्तान” कहने लगे हैं।
निष्कर्ष
मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश का पाकिस्तान के साथ आर्थिक, सांस्कृतिक और सैन्य संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाना एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव है। यह दोनों देशों के भविष्य के रिश्तों को नया आकार दे सकता है, जो क्षेत्रीय राजनीति में नए समीकरणों की ओर इशारा करता है।