
मुजफ्फरपुर/पटना: सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर युवाओं से लाखों रुपये ठगने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। पटना स्थित ईडी कार्यालय के नेतृत्व में गुरुवार को बिहार समेत देश के छह राज्यों में एकसाथ छापेमारी की गई। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह केवल रेलवे ही नहीं, बल्कि 40 से अधिक सरकारी विभागों और संस्थानों के नाम पर फर्जी नियुक्तियां देने का खेल चला रहा था।
रेलवे से शुरू हुआ, कई विभागों तक फैला जाल
शुरुआत में मामला भारतीय रेलवे के नाम पर फर्जी नियुक्तियों का सामने आया था, लेकिन ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह का नेटवर्क बेहद व्यापक है। रेलवे के अलावा फॉरेस्ट डिपार्टमेंट, आरआरबी, भारतीय डाक, इनकम टैक्स, हाई कोर्ट, पीडब्ल्यूडी, बिहार सरकार, डीडीए, राजस्थान सचिवालय समेत कई अन्य विभागों के नाम पर युवाओं को झांसा दिया गया।
फर्जी जॉइनिंग लेटर और नकली वेतन
जांच एजेंसी के अनुसार, गिरोह के सदस्य सरकारी डोमेन से मिलते-जुलते फर्जी ईमेल आईडी बनाकर अभ्यर्थियों को जॉइनिंग लेटर भेजते थे। भरोसा जीतने के लिए कुछ लोगों को 2 से 3 महीने का शुरुआती वेतन भी दिया गया। रेलवे में आरपीएफ, टीटीई, टेक्नीशियन जैसी पोस्ट पर तैनाती दिखाकर ठगी को पूरी तरह असली रूप देने की कोशिश की गई।
मुजफ्फरपुर में पांच घंटे चली ईडी की जांच
गुरुवार सुबह ईडी की टीम मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत रामबाग चौरी नहर रोड, लेन नंबर–15 पहुंची। यहां नंद किशोर गुप्ता के मकान में रह रहे एक किराएदार से जुड़े मामले में गहन जांच और पूछताछ की गई। करीब पांच घंटे तक चली कार्रवाई में संदिग्ध दस्तावेजों, बैंक खातों और लेन-देन से जुड़ी अहम जानकारियां जुटाई गईं। हालांकि, ईडी की ओर से अब तक किसी गिरफ्तारी या जब्ती को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बिहार में सक्रिय था नौकरी ठगी गैंग
सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह बिहार के कई जिलों में सक्रिय था और बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर मोटी रकम वसूलता था। ईडी को मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध वित्तीय लेन-देन से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। इस मामले के सामने आने के बाद बिना पुलिस सत्यापन के किराएदार रखने वाले मकान मालिकों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। मुजफ्फरपुर पुलिस नंद किशोर गुप्ता से किराएदार के चरित्र सत्यापन को लेकर पूछताछ कर सकती है।
देशभर में 15 ठिकानों पर छापेमारी
ईडी ने इस मामले में गुरुवार को देशभर में कुल 15 स्थानों पर एकसाथ छापेमारी की।
बिहार: मुजफ्फरपुर में 1 और मोतिहारी में 2 स्थान
पश्चिम बंगाल: कोलकाता में 2 स्थान
केरल: एर्नाकुलम, पांडलम, अडूर और कोडुर में 1-1 स्थान
तमिलनाडु: चेन्नई में 1 स्थान
गुजरात: राजकोट में 1 स्थान
उत्तर प्रदेश: गोरखपुर में 2, प्रयागराज में 1 और लखनऊ में 1 स्थान
ईडी की यह कार्रवाई अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस फर्जी सरकारी नौकरी रैकेट से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।