
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे तिलक वर्मा को विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान अचानक मेडिकल इमरजेंसी का सामना करना पड़ा। बंगाल के खिलाफ मैच के दौरान उन्हें असहनीय दर्द और सूजन हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर्स ने उन्हें आपातकालीन सर्जरी के माध्यम से उपचारित किया।
तिलक वर्मा को हुई समस्या टेस्टिकुलर टॉर्शन (Testicular Torsion) कहलाती है। यह एक गंभीर स्थिति है जिसमें अंडकोष की रक्त आपूर्ति करने वाली नस मुड़ जाती है और रक्त का प्रवाह रुक जाता है। इसका परिणाम तेज दर्द और सूजन के रूप में सामने आता है। यदि समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो यह अंग को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है। सौभाग्यवश, तिलक का ऑपरेशन सफल रहा।
इस आकस्मिक सर्जरी के बाद अब सवाल यह है कि तिलक न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज और टी20 वर्ल्ड कप में खेल पाएंगे या नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की सर्जरी के बाद शुरुआती घाव भरने में कम से कम दो हफ्ते का समय लगता है। वहीं, क्रिकेट जैसी उच्च-शारीरिक गतिविधि वाले खेल में पूर्ण मैच-फिट होकर मैदान में लौटने के लिए लगभग 3 से 4 सप्ताह यानी लगभग एक महीना आवश्यक होता है।
टीम इंडिया के लिए यह स्थिति चिंता का विषय है, क्योंकि तिलक वर्मा के खेलने पर अनिश्चितता ने टीम मैनेजमेंट और फैंस दोनों में तनाव बढ़ा दिया है।