
जयपुर: राजस्थान में मिड डे मील योजना में हुए 2000 करोड़ रुपये के घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने केस दर्ज किया है। इस घोटाले में कॉनफैड के बड़े अधिकारी, निजी फर्म संचालक और पूर्व मंत्री राजेंद्र यादव के बेटे मधुर यादव और त्रिभुवन यादव सहित कुछ रिश्तेदारों के नाम सामने आए हैं।
राजेंद्र यादव गहलोत सरकार में गृह राज्य मंत्री रह चुके हैं और मार्च 2024 में भाजपा में शामिल हो गए। उनके बेटों और रिश्तेदारों पर आरोप है कि उन्होंने निजी फर्मों के साथ मिलीभगत कर नियमों में बदलाव किया और पात्र फर्मों को दरकिनार कर चहेती फर्मों को टेंडर दिए।
पूर्व मंत्री रहते पड़ी थी इनकम टैक्स की रेड
मंत्री रहते ही राजेंद्र यादव के आवास और ठिकानों पर इनकम टैक्स की रेड हुई थी। जयपुर, कोटपूतली और उत्तराखंड सहित अन्य जगहों पर 2.90 करोड़ नकद और 110 करोड़ की अघोषित संपत्ति मिली। इस कार्रवाई के बाद उनके बेटों ने करीब 17 करोड़ की संपत्ति सरेंडर की थी। राजेंद्र यादव ने आरोपों को निराधार बताया और कहा कि उनके परिवार की फर्में अलग-अलग सेक्टर में काम करती हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
राजेंद्र यादव पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी नेताओं में गिने जाते थे। वे दो बार कोटपूतली से कांग्रेस विधायक रह चुके हैं (2013 और 2018)। मार्च 2024 में वे भाजपा में शामिल हो गए।
इस मामले की जांच अभी जारी है और एसीबी ने 21 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।