
उज्जैन: मध्य प्रदेश की उज्जैन पुलिस की तत्परता और सजगता से रिटायर्ड आर्मी अधिकारी गंगाराम वर्मा की 3 लाख रुपये की कमाई ठगों से बच गई। बुज़ुर्ग जब घबराहट में बैंक पहुंचे और डिजिटल तरीके से पैसे ट्रांसफर करने वाले थे, तो बैंक कर्मियों ने स्थिति भांपकर तुरंत पुलिस को सूचना दी।
बैंक पहुंची मुसीबत
मामला मंगलवार का है, जब गंगाराम वर्मा भारतीय स्टेट बैंक की नई सड़क शाखा पहुंचे। उन्हें लगातार वीडियो कॉल आ रहे थे, जिसमें ठग खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बता रहा था और फर्जी गिरफ्तारी का वारंट दिखा रहा था। ठगों ने दावा किया कि उनका सिम मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल हुआ और गिरफ्तारी होगी।
पुलिस की तत्परता से ठगी टली
सूचना मिलते ही नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली राहुल देशमुख और नगर पुलिस अधीक्षक माधवनगर दीपिका शिंदे अपनी टीम के साथ बैंक पहुंचे। बुज़ुर्ग को समझाकर उन्होंने फर्जी कॉल और दस्तावेजों का खुलासा किया। समय रहते आरटीजीएस रोक दिया गया और 3 लाख रुपये की ठगी टल गई।
सम्मान और सराहना
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि बैंक कर्मियों और पुलिस की सजगता ने बड़ी साइबर ठगी को रोका। घटना के बाद पुलिस ने बुज़ुर्ग और बैंक कर्मियों का पुष्पमाला पहनाकर सम्मान किया। गंगाराम वर्मा ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए एसपी को गले लगा लिया।
जनता से पुलिस की अपील
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या गिरफ्तारी की धमकी से घबराएं नहीं और तुरंत नजदीकी पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।