Thursday, January 8

कमरे में कैद हुआ आत्मविश्वास, फिर बुमराह की एक सलाह बनी संजीवनी श्रेयंका पाटिल ने खोला संघर्ष और वापसी का राज

बेंगलुरु। भारतीय महिला क्रिकेट की उभरती हुई ऑलराउंडर श्रेयंका पाटिल के लिए बीता एक साल बेहद कठिन और मानसिक रूप से तोड़ देने वाला रहा। महज 23 वर्ष की उम्र में पिंडली, कलाई और अंगूठे के फ्रैक्चर जैसी तीन गंभीर चोटों ने उन्हें लंबे समय तक क्रिकेट मैदान से दूर कर दिया। इस मुश्किल दौर में वह हताशा और अकेलेपन से जूझती रहीं, लेकिन टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की एक सलाह ने उनकी सोच और जिंदगी दोनों को नई दिशा दे दी।

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जब हौसला टूट गया और खुद को कमरे में कर लिया कैद

लगातार चोटों और अनिश्चित भविष्य ने श्रेयंका को गहरे अवसाद में धकेल दिया था। उन्होंने बताया कि वह दो से तीन महीने तक खुद को एक कमरे में बंद कर चुकी थीं। एक मिलनसार और खुले स्वभाव की खिलाड़ी होते हुए भी वह किसी से बात करने की स्थिति में नहीं थीं। उन्हें लगने लगा था कि उनका करियर शुरू होने से पहले ही समाप्त हो जाएगा।

इसी दौरान बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैब के दौरान उनकी मुलाकात सीनियर खिलाड़ियों से हुई, जिसने धीरे-धीरे उन्हें बाहर निकलने की हिम्मत दी।

बुमराह की सलाह ने बदली सोच

रिहैब के दौरान श्रेयंका ने जसप्रीत बुमराह से मिलने की इच्छा जताई। बातचीत के दौरान उन्होंने बुमराह से न सिर्फ गेंदबाजी को लेकर सवाल किए, बल्कि चोटों और मानसिक दबाव से निपटने के बारे में भी चर्चा की।

बुमराह के शब्द आज भी श्रेयंका के दिल में गूंजते हैं। उन्होंने कहा था,
“जो तुम झेल रही हो, वह बिल्कुल ठीक है। हर खिलाड़ी इस दौर से गुजरता है। इसे स्वीकार करो, इससे लड़ो मत। बस इस प्रक्रिया में बने रहो।”

श्रेयंका के लिए यह सलाह किसी संजीवनी से कम नहीं थी। उन्हें एहसास हुआ कि सूर्यकुमार यादव, मयंक यादव और रियान पराग जैसे खिलाड़ी भी चुनौतियों से जूझ चुके हैं और वह इस संघर्ष में अकेली नहीं हैं।

 

आंसुओं के साथ मैदान पर वापसी

अक्टूबर 2024 में कैरेबियन प्रीमियर लीग के जरिए श्रेयंका ने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की। पहले ही मैच के बाद उनकी आंखों से बहते आंसू उस एक साल के दर्द, संघर्ष और धैर्य की कहानी कह रहे थे। हालांकि वह घरेलू मैदान पर खेले गए वनडे वर्ल्ड कप का हिस्सा नहीं बन सकीं, लेकिन अब उनका आत्मविश्वास लौट चुका है।

अब नजरें T20 वर्ल्ड कप 2026 पर

फिलहाल श्रेयंका पाटिल पूरी तरह फिट हैं और उनका लक्ष्य बिल्कुल साफ है। इस साल के अंत में यूके में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत को चैंपियन बनाना। उन्हें पूरा भरोसा है कि इस बार वह टीम के साथ आईसीसी ट्रॉफी उठाने का सपना जरूर पूरा करेंगी।

संघर्ष, धैर्य और सही मार्गदर्शन की यह कहानी न सिर्फ खिलाड़ियों के लिए, बल्कि हर युवा के लिए प्रेरणा है।

 

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