
अमेरिका निर्मित ताइवान का एफ-16 फाइटर जेट मंगलवार देर रात दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे से पहले पायलट को विमान से बाहर निकालने में सफलता मिली, लेकिन उनका पता लगाने के लिए समुद्र में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
सभी F-16 ग्राउंडेड
ताइवान ने अपने सभी 150 F-16 लड़ाकू विमानों को उड़ान भरने से रोक दिया है। यह निर्णय उस समय लिया गया जब एक सिंगल-सीट एफ-16 विमान पूर्वी ताइवान के हुआलियन एयर बेस से रूटीन ट्रेनिंग अभ्यास के दौरान रडार से गायब हो गया। स्थानीय समयानुसार घटना मंगलवार को रात 7:29 बजे हुई। राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
अमेरिकी F-16: ताइवान की रीढ़
ताइवान की वायु सेना की रीढ़ अमेरिकी निर्मित F-16 फाइटर जेट हैं। ये विमान हाल के महीनों में चीनी सैन्य विमानों की घुसपैठ रोकने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ताइवान ने 1993 में अमेरिका से 150 F-16 का ऑर्डर दिया था और 2001 तक सभी डिलीवरी पूरी हो गई।
चीनी घेरा बढ़ा, सुरक्षा पर सवाल
हाल ही में चीन ने द्वीप के चारों ओर सैन्य अभ्यास किया। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने द्वीप पर कब्जे के लिए ताकत इस्तेमाल करने का विकल्प खुला रखा है। ताइवान के रक्षा मंत्री ने द्वीप की संप्रभुता बनाए रखने का वादा दोहराया है।
विश्लेषकों का कहना है कि बीजिंग बार-बार अपने विमानों को भेजकर ताइवान की वायु प्रतिक्रिया का परीक्षण कर रहा है और इसके साथ ही ताइवान के फाइटर जेट को थका रहा है। पुराने विमान अपनी एक्सपायरी डेट की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे सुरक्षा चिंता और बढ़ गई है।
निष्कर्ष
ऐसे में यह हादसा ताइवान की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती पेश करता है। अमेरिकी F-16 पर भरोसा करने के बावजूद विमान की उम्र और तकनीकी मुद्दों ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं।