
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार गरीबों और जरूरतमंदों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं देने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत इलाज कराने वाले परिवारों के लिए कैशलेस उपचार के साथ-साथ योजना से जुड़े अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए ठोस व्यवस्था की गई है।
क्लेम निस्तारण में तेजी
स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि जनवरी 2025 में 10 लाख 75 हजार तक पहुंच चुकी क्लेम पेंडेंसी दिसंबर 2025 तक घटकर मात्र 3 लाख रह गई है। प्रति माह औसतन 2 लाख से अधिक क्लेम्स की इस बड़ी संख्या में भी समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि सूचीबद्ध अस्पताल बिना किसी विलंब के आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज कर सकें।
मेडिकल ऑडिट व्यवस्था को मजबूत किया गया
साचीज की एसीईओ पूजा यादव ने बताया कि क्लेम निस्तारण प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए मेडिकल ऑडिटरों की संख्या 40 से बढ़ाकर 130 कर दी गई है। साथ ही क्लेम प्रोसेसिंग डेस्क (CPD) की संख्या भी 100 से बढ़ाकर 125 की गई है। इसके तहत अस्पतालों द्वारा प्रस्तुत क्लेम्स का भुगतान 30 दिनों के निर्धारित टर्न अराउंड टाइम (TAT) में किया जा रहा है।
पिछले एक वर्ष में 4,649 करोड़ का भुगतान
अर्चना वर्मा ने बताया कि जनवरी-25 से दिसंबर-25 के दौरान योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों को कुल 4,649 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इससे न केवल मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं, बल्कि अस्पतालों के आर्थिक हितों की भी पूरी तरह सुरक्षा हो रही है।
योगी सरकार की यह पहल गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए राहत और भरोसे की वजह बन रही है।