
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट का यह एक ऐतिहासिक दिन था, जिसे क्रिकेट इतिहास के पन्नों से कभी भी मिटाया नहीं जा सकता। 7 जनवरी, 1956 को भारतीय क्रिकेट में एक ऐसा रिकॉर्ड बना था, जिसे तोड़ने में बल्लेबाजों को 52 साल लग गए।
इस दिन भारतीय क्रिकेट टीम के वीनू मांकड और पंकज रॉय ने मद्रास टेस्ट (अब चेन्नई) में पहले विकेट के लिए 413 रन की साझेदारी की थी। यह रिकॉर्ड क्रिकेट की दुनिया में ऐसे छप गया, कि इसे पार करने में बल्लेबाजों को पांच दशकों से अधिक का समय लग गया। इस साझेदारी के साथ, वीनू मांकड और पंकज रॉय की जोड़ी अब भी भारत के लिए पहले विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी है, और यह टेस्ट क्रिकेट इतिहास में दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग पार्टनरशिप है।
सीरीज का 5वां टेस्ट और भारत की 5वीं ओपनिंग जोड़ी
1956 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए 5 टेस्ट मैचों की सीरीज का पांचवां और आखिरी टेस्ट मद्रास के कॉरपोरेशन स्टेडियम (अब नेहरू स्टेडियम) में हुआ था। भारत 1-0 से आगे था, लेकिन ओपनिंग जोड़ी एक बड़ी चुनौती बन चुकी थी। पहले चार टेस्ट मैचों में चार अलग-अलग ओपनिंग जोड़ी आजमाई जा चुकी थी, लेकिन इनमें से कोई भी खास सफल नहीं रहा था।
इसलिए 5वें टेस्ट में पंकज रॉय और वीनू मांकड की जोड़ी को ओपनिंग का मौका दिया गया, और दोनों ने मिलकर एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना दिया।
धैर्य और संयम से खेले मांकड और रॉय
भारतीय कप्तान पाली उमरीगर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी, और वीनू मांकड और पंकज रॉय ने बल्लेबाजी की शुरुआत की। दोनों ने संयम और धैर्य से बल्लेबाजी की, और एक-एक करके रिकॉर्ड तोड़ते गए। पहले दिन ही उन्होंने 100 रन, फिर 200 रन का आंकड़ा पार किया, और जब 203 रन बने तो उन्होंने साल 1936 के विजय मर्चेंट और मुश्ताक अली के 200 रन की साझेदारी का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
413 रन की ऐतिहासिक साझेदारी
दूसरे दिन भी दोनों बल्लेबाज डटे रहे, और जब 300 रन का आंकड़ा पार किया तो यह सवाल सबके दिमाग में था कि क्या 359 रन का विकेट के लिए सबसे बड़ी पार्टनरशिप का रिकॉर्ड टूटेगा। यह रिकॉर्ड इंग्लैंड के लेन हटन और वॉशब्रूक का था, जिन्होंने 1948-49 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 359 रन की साझेदारी की थी।
पंकज रॉय और वीनू मांकड ने इस रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 413 रन की साझेदारी पूरी की। अंत में पंकज रॉय 173 रन बनाकर आउट हुए, और मांकड 231 रन के साथ पवेलियन लौटे।
52 साल बाद टूटा रिकॉर्ड
यह 413 रन की साझेदारी 52 साल तक अडिग रही, जब तक 29 फरवरी, 2008 को नील मैकेंजी और ग्रीम स्मिथ की जोड़ी ने बांग्लादेश के खिलाफ 415 रन की साझेदारी करके इस रिकॉर्ड को तोड़ा।
भारत के लिए मांकड-रॉय का रिकॉर्ड तोड़ने के करीब साल 2006 में वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ की जोड़ी पहुंची थी, जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ लाहौर टेस्ट में 410 रन की साझेदारी की, लेकिन 3 रन से यह रिकॉर्ड टूट नहीं पाया।
पहली विकेट की टॉप-5 पार्टनरशिप
- नील मैकेंजी, ग्रीम स्मिथ – 415 रन (दक्षिण अफ्रीका Vs बांग्लादेश, चट्टोग्राम, 29 फरवरी 2008)
- वीनू मांकड, पंकज रॉय – 413 रन (भारत Vs न्यूजीलैंड, चेन्नई, 6 जनवरी 1956)
- वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़ – 410 रन (भारत Vs पाकिस्तान, लाहौर, 13 जनवरी 2006)
- ग्लेन टर्नर, टीडब्ल्यू जार्विस – 387 रन (न्यूजीलैंड Vs वेस्टइंडीज, जॉर्जटाउन, 6 अप्रैल 1972)
- बिल लॉरी, बॉबी सिम्पसन – 382 रन (ऑस्ट्रेलिया Vs वेस्टइंडीज, ब्रिजटाउन, 5 मई 1965)
मांकड का एक और रिकॉर्ड
वीनू मांकड के नाम पर एक और अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है। वह भारत के इकलौते क्रिकेटर हैं, जिन्होंने नंबर-1 यानी ओपनिंग से लेकर नंबर-11 तक हर बल्लेबाजी क्रम पर बल्लेबाजी की है।