
नई दिल्ली: वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप को लेकर अमेरिकी जनता का समर्थन तेजी से घटता जा रहा है। पहले इराक और अफगानिस्तान जैसे युद्धों में असफलता का सामना कर चुके ट्रंप प्रशासन के लिए अब वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई एक नई मुश्किल बन गई है।
अमेरिकी जनता की प्रतिक्रिया
अमेरिकी जनता की दृष्टि में, छोटे युद्धों का अधिक प्रभाव नहीं पड़ता, और अब वेनेजुएला पर हमले को लेकर भी यही स्थिति बन रही है। अमेरिका में पहले भी इराक और अफगानिस्तान जैसे युद्धों के दौरान जनता का विश्वास टूट चुका था। पनामा की तरह कार्रवाई से जनता को कुछ हद तक संतुष्टि मिलती है, लेकिन वेनेजुएला पर हमले को लेकर ट्रंप प्रशासन की छवि पर सवाल उठ रहे हैं।
जनता का समर्थन नहीं मिला
वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप को लेकर अमेरिकी नागरिकों का समर्थन उतना नहीं मिला जितना ट्रंप प्रशासन ने उम्मीद की थी। पहले ड्रग्स तस्करी के आरोप में वेनेजुएला के नावों को निशाना बनाने के बाद भी केवल 40% अमेरिकी ही इस कदम से सहमत थे। अब, बमबारी और सैन्य हस्तक्षेप को लेकर समर्थन और भी कम हो चुका है। यही नहीं, यह युद्ध इराक और अफगानिस्तान के मामलों जैसा लगता है, जहां लंबे समय तक युद्ध के बाद भी कोई ठोस परिणाम नहीं मिला।
युद्ध के प्रभाव और जनता का नजरिया
अमेरिकन जनता विदेशी युद्धों को दो दृष्टिकोणों से देखती है – पहला, दूसरे विश्व युद्ध की तरह, जो नैतिक रूप से सही था और निर्णायक रूप से खत्म हुआ, और दूसरा वियतनाम युद्ध की तरह, जिसमें अमेरिका को कुछ भी हासिल नहीं हुआ। इराक और अफगानिस्तान में हुए संघर्षों ने जनता का विश्वास घटा दिया, और अब वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप को लेकर भी यही आशंका जताई जा रही है।
ट्रंप का असफल प्रयास
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला पर सैन्य हमले को सही ठहराने के लिए कोई खास प्रयास नहीं किया, जैसे बुश प्रशासन ने इराक युद्ध को सही ठहराने के लिए महीनों मेहनत की थी। इराक युद्ध के समय, अमेरिकी जनता के बीच 70% समर्थन था, जबकि वेनेजुएला पर हमले के लिए ट्रंप को केवल 45% समर्थन मिल रहा है। यह दर्शाता है कि ट्रंप प्रशासन ने इस मुद्दे को पेश करने में कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई।
आर्थिक संकट और अगले कदम
वहीं, ट्रंप को घरेलू मुद्दों पर भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें अगले कुछ हफ्तों में बजट पास कराने की चुनौती का सामना करना है, ताकि गवर्नमेंट शटडाउन से बचा जा सके। टैक्स कटौती, स्वास्थ्य सुधार जैसे मुद्दों पर कांग्रेस के सहयोग की आवश्यकता है, लेकिन उनकी घटती लोकप्रियता के कारण यह काम और भी मुश्किल हो सकता है।
दोहरा घाटा
टीवी स्क्रीन पर बम गिरते हुए देखना और धमाके सुनना कुछ समय के लिए जनता को उत्साहित कर सकता है, लेकिन जब सवाल उठेगा कि “अब आगे क्या?”, तब ट्रंप को भारी निराशा मिल सकती है। यदि युद्ध में कोई वाजिब कारण और स्पष्ट दिशा नहीं है, तो यह ट्रंप के लिए भी और वेनेजुएला के लिए भी घातक साबित हो सकता है।
इस प्रकार, वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप से ट्रंप को न केवल घरेलू मोर्चे पर मुश्किलें उठानी पड़ सकती हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी स्थिति कमजोर हो सकती है।