Thursday, January 8

वेनेजुएला पर अमेरिकी कब्जे से क्यों घबराया चीन, शी जिनपिंग को सता रहा यह बड़ा रणनीतिक डर

बीजिंग। वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद चीन की चिंता बढ़ गई है। बीजिंग को आशंका है कि वेनेजुएला पर अमेरिका के प्रभाव या नियंत्रण से वहां स्थापित उसकी कई संवेदनशील सैन्य और तकनीकी परियोजनाएं खतरे में पड़ सकती हैं। यही वजह है कि चीन ने मादुरो की रिहाई की अपील भी की है।

This slideshow requires JavaScript.

अमेरिका द्वारा मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर न्यूयॉर्क की अदालत में पेश किए जाने के बाद चीन को डर है कि वेनेजुएला में मौजूद उसके सैटेलाइट ट्रैकिंग स्टेशन, रडार सिस्टम और अन्य उच्चस्तरीय तकनीकी ढांचे तक अमेरिका की सीधी पहुंच हो सकती है। इन प्रणालियों में ऐसे चीनी रडार और एयर डिफेंस सिस्टम शामिल बताए जाते हैं, जो कथित तौर पर पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को ट्रैक करने में सक्षम हैं।

सैटेलाइट ट्रैकिंग स्टेशनों पर मंडराया खतरा
चीन ने वेनेजुएला के कैप्टन मैनुअल रियोस एयरबेस पर ‘एल सोम्ब्रेरो’ सैटेलाइट ट्रैकिंग स्टेशन स्थापित किया है, जबकि बोलिवर राज्य के ल्यूपा क्षेत्र में इसका बैकअप स्टेशन मौजूद है। ये स्टेशन वेनेजुएला के एकमात्र सक्रिय रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट को सपोर्ट करते हैं और चीन की उन चुनिंदा विदेशी ग्राउंड सुविधाओं में शामिल हैं, जो उसके अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए बेहद अहम मानी जाती हैं।

सरकारी स्वामित्व वाली चाइना ग्रेट वॉल इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित ये स्टेशन VRSS-2 सैटेलाइट के लिए टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड ऑपरेशन संभालते हैं। यह सैटेलाइट 2017 में चीन ने वेनेजुएला के लिए तैयार कर लॉन्च किया था।

चीनी पेट्रोलियम हितों पर भी संकट
चीन वेनेजुएला का सबसे बड़ा विदेशी निवेशक और उसके तेल के प्रमुख खरीदारों में से एक है। पेट्रोलियम क्षेत्र में उसकी गहरी पकड़ अब कमजोर पड़ने की आशंका है। चाइना नेशनल पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के अनुसार, चीनी इंजीनियरों ने आधुनिक ड्रिलिंग रिग, वॉटरफ्लडिंग सिस्टम और रिफाइनरी अपग्रेड के जरिए वेनेजुएला के पुराने तेल क्षेत्रों को नया जीवन दिया था, जिससे कई क्षेत्रों में उत्पादन आठ गुना तक बढ़ा।

यदि वेनेजुएला में अमेरिका समर्थक सरकार बनती है, तो इन परियोजनाओं पर पुनर्विचार या अमेरिकी दखल की संभावना से चीन चिंतित है।

टेलीकॉम नेटवर्क पर भी खतरे की आशंका
वेनेजुएला के टेलीकम्युनिकेशन सेक्टर में भी चीन की मजबूत मौजूदगी रही है। हुआवेई और जेडटीई जैसी कंपनियों ने देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में अहम भूमिका निभाई है। इनमें 4G नेटवर्क, मोबाइल फोन असेंबली, साइबर सुरक्षा उपकरण और सरकारी डिजिटल सिस्टम शामिल हैं।

हुआवेई ने 1999 में वेनेजुएला में अपने परिचालन की शुरुआत की थी और दो दशक से अधिक समय से वह सरकारी टेलीकॉम कंपनी CANTV के साथ मिलकर काम कर रही है। चीन को आशंका है कि नई राजनीतिक परिस्थितियों में उसकी कंपनियों को अनुबंध रद्द होने, प्रतिबंधों या पाबंदियों का सामना करना पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई को चीन केवल एक क्षेत्रीय घटनाक्रम नहीं, बल्कि अपनी वैश्विक रणनीतिक और तकनीकी मौजूदगी के लिए बड़ा झटका मान रहा है। यही वजह है कि शी जिनपिंग के नेतृत्व वाला चीन इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गहरी बेचैनी में है।

 

Leave a Reply