
नीरज घेवान की ‘होमबाउंड’ ऑस्कर की रेस में एक कदम आगे बढ़ गई है। यह भारत की अकेली दावेदार फिल्म अब ‘इंटरनेशनल फीचर फिल्म’ कैटेगरी में वोटिंग के अगले राउंड में शॉर्टलिस्ट 15 फिल्मों में शामिल हो गई है। हालांकि फाइनल नॉमिनेशन का इंतजार है, लेकिन इससे भारत की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।
फिल्म को इस राउंड में शामिल करने की घोषणा एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज ने सोमवार को की। इसके साथ ही दुनियाभर की 14 अन्य फिल्में भी इस कैटेगरी में शॉर्टलिस्ट हुई हैं। इनमें अर्जेंटीना की ‘बेलन’, ब्राजील की ‘द सीक्रेट एजेंट’, फ्रांस की ‘इट वाज जस्ट एन एक्सीडेंट’, जर्मनी की ‘साउंड ऑफ फॉलिंग’, इराक की ‘द प्रेसिडेंट्स केक’, जापान की ‘कोकुहो’, जॉर्डन की ‘ऑल दैट्स लेफ्ट ऑफ यू’, नॉर्वे की ‘सेंटीमेंटल वैल्यू’, फिलिस्तीन की ‘फिलिस्तीन 36’, दक्षिण कोरिया की ‘नो अदर चॉइस’, स्पेन की ‘सिरात’, स्विट्जरलैंड की ‘लेट शिफ्ट’, ताइवान की ‘लेफ्ट-हैंडेड गर्ल’ और ट्यूनीशिया की ‘द वॉयस ऑफ हिंद रजब’ शामिल हैं।
ऑस्कर नॉमिनेशन और समारोह
आगे शॉर्टलिस्ट की गई इन 15 फिल्मों में से केवल पांच को नॉमिनेशन मिलेगा। ऑस्कर नॉमिनेशन की घोषणा 22 जनवरी 2026 को की जाएगी, जबकि पुरस्कार वितरण समारोह 15 मार्च 2026 को लॉस एंजेलेस में होगा।
लोकप्रियता और बॉक्स ऑफिस का विरोधाभास
‘होमबाउंड’ के ऑस्कर रेस में आगे बढ़ने की खबर पर लोग तालियां बजा रहे हैं, लेकिन फिल्म सिनेमाघरों में दर्शकों को कम ही देखने को मिली। 26 सितंबर 2025 को रिलीज हुई फिल्म ने ओपनिंग डे पर केवल 30 लाख रुपये की कमाई की थी। जबकि इसके पूरे प्रदर्शन के दौरान बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 4.85 करोड़ रुपये तक ही सीमित रहा।
एक दुर्लभ उपलब्धि
98 साल के ऑस्कर इतिहास में भारत की यह पांचवीं फिल्म है जो बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म के लिए शॉर्टलिस्ट हुई है।
फिल्म की कहानी और कास्ट
‘होमबाउंड’ बशारत पीर के न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित आर्टिकल पर आधारित है। इसे नीरज घेवान ने डायरेक्ट किया है और मार्टिन स्कोर्सेसी इसके एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं। फिल्म में ईशान खट्टर, विशाल जेठवा और जान्हवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। कहानी दो दोस्तों – शोएब और चंदन – के संघर्ष और उनके सपनों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी सामाजिक स्थिति से ऊपर उठना चाहते हैं। COVID महामारी और पुलिस भर्ती परीक्षा में देरी की वजह से उनकी जिंदगी में अप्रत्याशित कठिनाइयां आती हैं, जो दर्शकों के दिल को छू लेती हैं।