
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अगवा करने की घटना पर कोई स्पष्ट स्टैंड नहीं लिया। चव्हाण ने चेतावनी दी कि अगर ऐसे मामलों पर ठोस रुख नहीं अपनाया गया तो कल यह भारत के साथ भी हो सकता है।
चव्हाण ने कहा, “वेनेजुएला में जो हुआ, वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है। एक चुने हुए राष्ट्रपति को अगवा किया गया। यह बहुत चिंता का विषय है कि कल यह किसी भी देश के साथ हो सकता है, भारत भी इसके दायरे में आ सकता है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि “भारत ने सामान्य तरीके से भी बयान नहीं दिया। रूस और चीन ने स्पष्ट स्टैंड लिया और अमेरिका की कार्रवाई की आलोचना की। लेकिन भारत ने किसी का पक्ष नहीं लिया। यूक्रेन युद्ध और इजरायल-हमास मामले में भी हमने कोई ठोस स्टैंड नहीं अपनाया। अब अमेरिका से डरकर यहां हुई घटना की आलोचना भी नहीं की जा रही।”
विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय ने कहा कि “वेनेजुएला में हुई घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। हम हालात की लगातार निगरानी कर रहे हैं और सभी संबंधित पक्षों से शांतिपूर्ण समाधान की मांग करते हैं। काराकास में भारतीय दूतावास स्थानीय समुदाय के संपर्क में है और हर संभव सहायता दे रहा है।”
पृथ्वीराज चव्हाण का विवादास्पद रुख
पृथ्वीराज चव्हाण हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में भी विवादित बयान दे चुके हैं। दिसंबर 2025 में उन्होंने दावा किया था कि ऑपरेशन के पहले दिन ही भारत हार गया और चार दिनों के सैन्य संघर्ष में भारतीय विमानों को गिरा दिया गया।