
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी नेता नवनीत राणा के बयान पर तीखा हमला किया है। राणा ने हाल ही में कहा था कि हिंदुओं को देश की रक्षा के लिए कम से कम तीन से चार बच्चे पैदा करने चाहिए, ताकि देश का डेमोग्राफिक संतुलन पाकिस्तान जैसा न हो।
ओवैसी ने इस पर पलटवार करते हुए कहा, “मेरे छह बच्चे हैं और मेरी दाढ़ी सफेद हो रही है। किसी ने कहा कि चार बच्चे होने चाहिए। चार ही क्यों? आठ बच्चे पैदा करो, कौन रोक रहा है? मैं आपको 20 बच्चे पैदा करने का भी चैलेंज देता हूं। यह किस तरह का मजाक है?”
ओवैसी ने महाराष्ट्र के अकोला में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि RSS प्रमुख मोहन भागवत और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू भी लोगों से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपील कर चुके हैं। ऐसे में नवनीत राणा का बयान हास्यास्पद है।
नवनीत राणा के बयान की पृष्ठभूमि
राणा ने कहा था कि कुछ लोगों की कई पत्नियां और कई बच्चे हैं, जिससे उनकी आबादी बढ़ रही है। इसका मुकाबला करने के लिए हिंदुओं को तीन से चार बच्चे पैदा करने चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक व्यक्ति के 19 बच्चे और चार पत्नियां हैं, लेकिन उसने 30 बच्चों का कोरम पूरा नहीं किया। राणा का तर्क था कि हिंदुओं को संख्या में संतुलन बनाने के लिए अधिक बच्चे पैदा करने चाहिए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
राणा के बयान के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने कहा कि RSS और BJP की ऐसी सोच को समाप्त करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनसंख्या के मामलों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, न कि अंधविश्वासी या अवैज्ञानिक तरीके से सोच।