Thursday, January 8

जब तक DDA 1.6 लाख पेड़ नहीं लगाएगा, तब तक और पेड़ नहीं काटे जाएंगे: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश

 

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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें दक्षिणी रिज में 473 पेड़ काटने की अनुमति मांगी गई थी। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक DDA दिल्ली में 185 एकड़ जमीन पर 1.6 लाख पेड़ नहीं लगा देता, तब तक और पेड़ काटने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

 

DDA ने सुप्रीम कोर्ट से सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज तक सड़क चौड़ी करने के लिए दक्षिणी रिज इलाके में पेड़ काटने और 2.97 हेक्टेयर जंगल की जमीन डायवर्ट करने की इजाजत मांगी थी। इस योजना में 2,519 पौधों को दूसरी जगह लगाने का प्रावधान भी था, ताकि पहले दी गई अनुमति के बिना पेड़ काटने की अवमानना से बचा जा सके।

 

सुप्रीम कोर्ट ने ध्यान दिया कि इस सड़क और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्देश्य गंभीर रूप से घायल पैरामिलिट्री फोर्सेज के जवानों को वर्ल्ड क्लास इलाज देना है। हालांकि, अदालत ने इसे मंजूरी देने से पहले राजधानी के कुछ इलाकों में प्रदूषण कम करने के लिए नए जंगल बनाने की शर्त रखी थी।

 

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह ने DDA द्वारा 185 एकड़ जमीन ट्रांसफर करने और वन विभाग द्वारा किए गए कार्यों को सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश करने की कोशिश की। लेकिन सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने प्रगति रिपोर्ट पुरानी बताते हुए इसे खारिज कर दिया और दिल्ली के वन विभाग से पेड़ लगाने पर नवीनतम प्रगति रिपोर्ट मांगी।

 

सीजेआई सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि DDA को तब तक पेड़ काटने की कोई अनुमति नहीं दी जाएगी। अदालत ने दो हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का आदेश भी दिया।

 

 

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