
अयोध्या (वीएन दास): राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए परिसर में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा, अन्य मंदिरों में दर्शन और अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय के निर्माण कार्य की समीक्षा की गई।
मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान परिसर के 15 अन्य मंदिरों में भी आम श्रद्धालुओं के दर्शन शुरू करने की मंशा जताई गई थी। इसके लिए मंदिर ट्रस्ट तेजी से काम कर रहा है। दर्शन के लिए पास सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जो इस माह के अंत तक तैयार हो जाएगा। फरवरी के पहले हफ्ते से दर्शन की सुविधा शुरू होने की संभावना है।
आईआईटी चेन्नई को मिली जिम्मेदारी
अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय को मार्च-अप्रैल तक आम पर्यटकों के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है। आईआईटी चेन्नई डिजिटल गैलरी और हनुमान जी की हाईटेक गैलरी का निर्माण कर रहा है। संग्रहालय में अब तक चार डिजिटल गैलरी तैयार हो चुकी हैं और पांचवीं का निर्माण चल रहा है। राम मंदिर के दूसरे तल पर राम नाम संग्रहालय में विभिन्न भाषाओं में राम कथा की दुर्लभ प्रतियों का संग्रह करने का काम भी जारी है।
उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा
मंदिर ट्रस्ट शासन के समन्वय से श्रीराम हास्पिटल में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा विकसित करने पर काम कर रहा है। यहां हाईटेक डिवाइस लगाकर सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाया जाएगा। इसके अलावा 300 बेड का सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनाया जाएगा, जिसका टेंडर और निर्माण एजेंसी तय हो चुकी है।
अयोध्या राजघराने की मदद से कैंसर हॉस्पिटल
अयोध्या राजघराने और मोदी कैंसर ट्रस्ट के बीच सहमति हुई है, जिसमें 8 एकड़ जमीन कैंसर हॉस्पिटल के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। इस हॉस्पिटल का निर्माण दो साल में पूरा होगा और ओपीडी व कैंसर जांच सेवाएं इसी अवधि में शुरू होंगी। उच्च स्तरीय उपकरणों की खरीद तीन माह में प्रारंभ की जाएगी।
राम मंदिर के विकास के साथ अयोध्या अब विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन नगरी के रूप में उभर रही है, जहां लाखों श्रद्धालुओं का रोजाना आवागमन है।