Thursday, May 14

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मेवाड़ संपत्ति विवाद में नया कानूनी मोड़, बहनों ने पिता की वसीयत पर उठाया सवाल

 

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उदयपुर/दिल्ली: मेवाड़ पूर्व राजपरिवार की संपत्ति विवाद में नया मोड़ आ गया है। दिवंगत अरविंद सिंह मेवाड़ की वसीयत को लेकर चल रहे विवाद में उनकी बेटियों पद्मजा कुमारी और भार्गवी कुमारी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने दावा किया कि उनके पिता अंतिम वसीयत बनाने के समय स्वस्थ और विवेकपूर्ण निर्णय लेने की स्थिति में नहीं थे, इसलिए यह वसीयत वैध नहीं मानी जानी चाहिए।

 

पुत्र लक्ष्यराज सिंह ने बहनों के इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि संपत्ति के लालच में पिता की छवि को ठेस पहुँचाई गई। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और अपमानजनक करार दिया।

 

वसीयत और संपत्तियों का विवरण

अरविंद सिंह मेवाड़ ने 7 फरवरी, 2025 को अंतिम वसीयत बनाई थी, जिसमें उन्होंने अपनी स्व-अर्जित संपत्तियों का एकमात्र उत्तराधिकारी पुत्र लक्ष्यराज सिंह को नामित किया था। इस वसीयत में उदयपुर स्थित शिकारबाड़ी की जमीन, मुंबई के मेवाड़ हाउस के छठे माले का आधा हिस्सा और मुंबई का दार्जिलिया हाउस सहित अन्य संपत्तियों का जिक्र था।

 

बेटियों ने वसीयत को चुनौती देते हुए दावा किया कि उन्हें भी इन संपत्तियों में हिस्सा मिलना चाहिए। लक्ष्यराज सिंह ने अदालत में शपथ-पत्र दाखिल कर बताया कि अगस्त और दिसम्बर 2024 में दोनों बहनों ने कुछ कंपनियों के शेयर पिता को गिफ्ट किए, जिन्हें अरविंद सिंह ने स्वीकार किया और हस्ताक्षर किए। इसके अलावा, उन्होंने पिता के कहने पर उन कंपनियों के निदेशक पदों से इस्तीफा भी दिया था।

 

सुनवाई की तारीख

इस मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में 12 जनवरी को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने यह केस दिल्ली हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया है। सुनवाई के बाद ही पक्षकारों का आगे का रुख स्पष्ट होगा।

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