Thursday, January 8

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा की नई लहर, 18 दिन में छह की हत्या

ढाका: बांग्लादेश में बीते तीन हफ्तों से लगातार हिंसा का सिलसिला जारी है। भीड़ की हिंसा का मुख्य शिकार विपक्षी राजनीतिक कार्यकर्ता और धार्मिक अल्पसंख्यक बने हुए हैं। देश के कई शहरों में आगजनी और हमला जैसी घटनाओं ने कानून-व्यवस्था को कमजोर कर दिया है और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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पिछले महीने 18 दिसंबर को युवा नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद हिंसा की शुरुआत हुई थी। इसके बाद से हिंदू समुदाय पर लगातार हमले हो रहे हैं। बीते 19 दिनों में छह हिंदू अल्पसंख्यकों की हत्या की जा चुकी है।

सबसे हाल की घटनाओं में सोमवार रात नरसिंग्दी में किराना दुकानदार सरत चक्रवर्ती मणि और जशोर में पत्रकार राणा प्रताप बैरागी को निशाना बनाया गया। मणि पर बाजार में हमला हुआ और उन्हें अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। राणा प्रताप को मनिरामपुर के कोपलिया बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावर मोटरसाइकिल पर आए थे।

इसके पहले भी मैमनसिंह जिले में कपड़ा फैक्ट्री मजदूर दीपू चंद्र दास को भीड़ ने ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर मार डाला और शव को पेड़ से लटका कर आग लगा दी थी। इसी तरह फार्मेसिस्ट खोखन दास और मजदूर बजेंद्र विश्वास भी हमलों में मारे गए।

हिंसा केवल पुरुषों तक सीमित नहीं रही। झेनैदाह जिले में 40 वर्षीय हिंदू विधवा के साथ बलात्कार और उसके बाल काटने की भी घटना सामने आई है। पीड़िता का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचा है। भारत समेत कई देशों ने बांग्लादेश सरकार से सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

 

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