
बिहार में कड़ाके की ठंड का नया दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि राज्य के कई हिस्सों में अगले चार दिनों के भीतर न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है। अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, जिससे रातें दिन की तुलना में और अधिक ठंडी रहेंगी। सुबह के समय पाला पड़ने की भी आशंका जताई गई है, जो किसानों और आम जनजीवन के लिए चुनौती बन सकती है।
कौन-कौन से जिले प्रभावित:
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी बिहार में ‘शीत दिवस’ जैसी स्थिति बनी रह सकती है। विशेषकर पश्चिमी और पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया और नवादा में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। अगले 2-3 दिनों तक कई स्थानों पर दृश्यता (Visibility) काफी कम रह सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।
पिछले 24 घंटों का हाल:
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को गया (गयाजी) राज्य का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य भर में न्यूनतम तापमान 5.5 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। वहीं, मोतिहारी में सर्वाधिक 19.4 डिग्री सेल्सियस उच्चतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
पछुआ हवाओं ने बढ़ाई ठंडक:
राज्य के दक्षिणी और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में तेज पछुआ हवाओं के कारण दिन में धूप निकलने के बावजूद लोगों को काफी कनकनी महसूस हुई। मंगलवार को भी सुबह से कई जिलों में कोहरे का असर देखा जा रहा है, जिससे यातायात और जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
मौसम विभाग ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि ठंड और कोहरे के दौरान सड़क सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और घर से बाहर निकलते समय पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें।