Friday, January 2

कोर्ट के आदेश पर चौकी इंचार्ज समेत सात पर मुकदमा युवक को पेशाब पिलाने, उंगलियां तोड़ने और एनकाउंटर की धमकी का आरोप

 

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बांदा। जिले के पैलानी थाना क्षेत्र से पुलिसिया बर्बरता का एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। गांव पिपरहरी निवासी युवक के साथ चौकी में कथित अमानवीय व्यवहार के मामले में अदालत के आदेश पर चौकी इंचार्ज समेत सात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि युवक को चोरी के झूठे आरोप में न केवल बेरहमी से पीटा गया, बल्कि उसकी उंगलियां तोड़ दी गईं और मां व पत्नी के सामने उसे पेशाब पिलाने जैसी घिनौनी हरकत की गई।

 

पीड़ित पप्पू उर्फ श्रवण कुमार ने सीजेएम कोर्ट में दाखिल वाद में बताया कि गांव में 25 और 27 अगस्त 2025 को हुई चोरी की घटनाओं के बाद कुछ गांव के दबंगों ने उस पर झूठा आरोप लगाते हुए 1 सितंबर 2025 की सुबह उसे और उसकी पत्नी को घर बुलाया और मारपीट कर चोरी कबूल करने का दबाव बनाया।

 

चौकी में की गई अमानवीयता

 

पीड़ित के अनुसार, बाद में 112 नंबर पर पुलिस बुलाए जाने पर उसे खप्टिहा कला पुलिस चौकी ले जाया गया। यहां चौकी इंचार्ज हरीशरण सिंह ने कथित रूप से आरोपियों से सांठगांठ कर युवक को डंडों से पिटवाया, गालियां दीं और चोरी कबूल न करने पर एनकाउंटर की धमकी दी। पीड़ित का आरोप है कि इसी दौरान उसकी दो उंगलियां तोड़ दी गईं और उसे पेशाब पिलाने के लिए मजबूर किया गया। इस पूरी घटना की गवाह उसकी मां और पत्नी बनीं।

 

शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

 

पीड़ित ने बताया कि उसने थाना अध्यक्ष और उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अंततः 11 सितंबर 2025 को हुई मेडिकल जांच में उसकी उंगलियों के टूटने की पुष्टि हुई। इसके बाद न्यायालय की शरण लेने पर अदालत ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।

 

सात आरोपियों पर केस दर्ज

 

थाना प्रभारी पैलानी राजेश वर्मा ने बताया कि अदालत के आदेश पर चौकी इंचार्ज हरीशरण सिंह के अलावा गांव के रामरूप सिंह, भइया, पंकज, ज्वाला, विद्याधर और सुनील के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों पर दंगा, जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने, मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

 

फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। घटना के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर लोगों में आक्रोश है।

 

 

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