
बिहार के औरंगाबाद जिले में धर्मांतरण को लेकर एक संवेदनशील और विवादास्पद मामला सामने आया है। मदनपुर थाना क्षेत्र के खिरियावां गांव में ‘चंगाई सभा’ और सत्संग के नाम पर आयोजित कार्यक्रम की आड़ में धर्म परिवर्तन कराए जाने के आरोप के बाद ग्रामीणों के विरोध और पुलिस की छापेमारी में एक महिला समेत दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।
घटना गुरुवार दोपहर की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, खिरियावां निवासी ग्रामीण चिकित्सक डॉ. रामनंदन गोस्वामी के आवास पर सत्संग के नाम से एक बड़ी सभा आयोजित की गई थी, जिसमें 200 से 300 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि इस सभा में बाहर से आए कुछ लोग गरीब, दलित और महिलाओं को प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे।
विरोध के बाद बढ़ा तनाव
धर्मांतरण की सूचना मिलते ही गांव के सैकड़ों लोग मौके पर जुट गए और सभा का विरोध शुरू कर दिया। स्थिति तनावपूर्ण होती देख पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि रंजीत यादव, सरपंच प्रतिनिधि सुशील कुमार सिंह, साथ ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के स्थानीय पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों और संगठनों का आरोप है कि ‘चंगाई सभा’ के नाम पर झाड़-फूंक और अंधविश्वास फैलाकर बीमारियां ठीक करने का दावा किया जा रहा था। साथ ही लोगों को हिंदू रीति-रिवाजों से दूर रहने, देवी-देवताओं की पूजा न करने और विवाहित महिलाओं को सिंदूर न लगाने के लिए उकसाया जा रहा था।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही मदनपुर थाना के एसआई लक्ष्मण प्रसाद दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने कार्यक्रम स्थल से एक महिला और एक पुरुष को हिरासत में लिया, जिनसे थाने में पूछताछ की जा रही है। मौके से कुछ संदिग्ध धार्मिक पुस्तकें और सामग्री भी बरामद होने की सूचना है।
स्थानीय निवासी रणधीर साव ने बताया कि गांव में एक भी ईसाई परिवार नहीं रहता, इसके बावजूद हर बुधवार को बाहर से लोग आकर इस तरह की सभाएं करते थे, जो ग्रामीणों को पहले से ही संदिग्ध लग रही थीं।
नेटवर्क और फंडिंग की जांच
मदनपुर थाना प्रभारी के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क या बाहरी फंडिंग है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखी जाए, ताकि गांव का सांप्रदायिक सौहार्द और शांति बनी रहे।