Monday, April 6

60 की उम्र में भी 30 वालों से ज्यादा फिट हैं मिलिंद सोमन: जानिए उनकी फिटनेस का राज

मॉडल और अभिनेता मिलिंद सोमन ने हाल ही में अपना 60वां जन्मदिन मनाया, लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी फिटनेस देखकर 30-40 साल के युवा शरमा जाएं। मिलिंद का मानना है कि उम्र सिर्फ एक नंबर है, और सही मानसिकता और मोटिवेशन से कोई भी व्यक्ति स्वस्थ, सुडौल और गठीला रह सकता है।

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फिटनेस का मंत्र:
मिलिंद फिटनेस को फ्रीडम के तौर पर देखते हैं। उनका मोटिवेशन ऐब्स या मेडल्स नहीं बल्कि अपने शरीर की क्षमता को जानने और महसूस करने की खुशी है। वे कहते हैं, “अच्छा दिखना अस्थायी हो सकता है, लेकिन अच्छा महसूस करना स्थायी होता है।”

मुख्य टिप्स फिट रहने के लिए:

  1. ब्रिस्क वॉक और दौड़: रोजाना तेज़ चाल में कम से कम 40 मिनट वॉक करें। शुरूआत 5-10 मिनट से भी हो सकती है।
  2. स्ट्रेंथन एक्सरसाइज़: पुशअप्स, डंबल्स, प्लैंक आदि से मांसपेशियों को मजबूत बनाएं। स्ट्रेंथन एक्सरसाइज़ मसल्स मास बढ़ाने और हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी हैं।
  3. स्टैमिना एक्सरसाइज़: ब्रिस्क वॉक, साइक्लिंग, स्विमिंग आदि नियमित रूप से करें। पैरों की ताकत और कार्डियो क्षमता बढ़ती है।
  4. योग: सूर्य नमस्कार के 12 आसनों को 2-3 सेट में हफ्ते के कम से कम 5 दिन करें।

मजबूत मांसपेशियों के लिए डाइट:

  • हर दिन 1-1.3 ग्राम प्रोटीन प्रति किलोग्राम वजन लें। स्रोत: पनीर, दूध, दालें, नट्स, अंडे, मछली, चिकन।
  • विटामिन D, B-3, B-12 और कैल्शियम शामिल करें।
  • हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम और विटामिन-D आवश्यक हैं।

सुरक्षा संकेत और ध्यान:

  • अगर पैरों में ताकत न हो, सहारा लेना पड़े या वजन उठाना मुश्किल हो तो मांसपेशियों की मजबूती पर ध्यान दें।
  • उम्र बढ़ने के साथ मसल्स की कमजोरी स्वाभाविक है, लेकिन सही एक्सरसाइज़ और डाइट से इसे धीमा किया जा सकता है।
  • महिलाओं में 35 साल के बाद बोन डेंसिटी की देखभाल और 45 साल के बाद DEXA स्कैन आवश्यक है। पुरुषों के लिए यह स्कैन 65 साल की उम्र के आसपास करना सही माना जाता है।

निष्कर्ष:
मिलिंद सोमन की फिटनेस की कहानी हमें यह सिखाती है कि सही माइंडसेट, नियमित व्यायाम और संतुलित आहार से उम्र के किसी भी पड़ाव पर शरीर और मन को स्वस्थ रखा जा सकता है। 60 साल की उम्र में भी मजबूत मांसपेशियां, स्टैमिना और स्ट्रेंथ बनाना मुमकिन है।

एक्सपर्ट पैनल:

  • डॉ. भावुक गर्ग, AIIMS
  • डॉ. हरप्रीत सिंह, Max हॉस्पिटल
  • डॉ. अमितेश कुमार, सीनियर गैस्ट्रो एक्सपर्ट
  • डॉ. राजीव अग्रवाल, AIIMS
  • डॉ. जुझार सिंह, सफदरजंग हॉस्पिटल
  • डॉ. करुण जैन, पुष्पांजलि मेडिकल सेंटर

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। एनबीटी इसकी सत्यता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता। किसी भी व्यायाम या डाइट को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना अनिवार्य है।

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