Monday, July 27

Bihar

अंतरराज्यीय बच्चा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश 12 अपहृत बच्चे सकुशल बरामद, 13 गिरफ्तार; कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
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अंतरराज्यीय बच्चा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश 12 अपहृत बच्चे सकुशल बरामद, 13 गिरफ्तार; कई राज्यों में फैला था नेटवर्क

रांची। झारखंड पुलिस ने बच्चों की तस्करी और अपहरण से जुड़े एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर बड़ी सफलता हासिल की है। विशेष जांच टीम (एसआईटी) की कार्रवाई में अब तक इस गिरोह के 13 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 12 अपहृत बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह झारखंड के साथ-साथ बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में सक्रिय था और लंबे समय से बच्चों की तस्करी, भीख मंगवाने व अन्य आपराधिक गतिविधियों में लिप्त था। ‘गुलगुलिया गैंग’ के नेटवर्क का खुलासा रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने रविवार को प्रेस वार्ता में बताया कि इस गिरोह का पर्दाफाश धुर्वा थाना क्षेत्र से दो मासूम बच्चों—अंश और अंशिका—के अपहरण के बाद हुई जांच के दौरान हुआ। बच्चों के लापता होने के बाद रांची पुलिस ने जिले के साथ-साथ अन्य जिलों और राज्यों में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया, जिसके दौर...
बिहार में विकास की रफ्तार तेज करने की नई व्यवस्था मंत्रियों के बाद अब अफसरों को भी जिलों का प्रभार, सम्राट चौधरी के साथ पटना संभालेंगे बी. राजेंदर
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बिहार में विकास की रफ्तार तेज करने की नई व्यवस्था मंत्रियों के बाद अब अफसरों को भी जिलों का प्रभार, सम्राट चौधरी के साथ पटना संभालेंगे बी. राजेंदर

पटना। बिहार सरकार ने राज्य में विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। मंत्रियों को जिलों का प्रभार सौंपने के बाद अब सरकार ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भी जिलों की जिम्मेदारी दे दी है। इस नई व्यवस्था के तहत अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया है, ताकि योजनाओं की निगरानी और विभागीय समन्वय में किसी तरह की कमी न रह जाए। मंत्रियों और अफसरों को मिला संयुक्त दायित्व मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष सह प्रभारी मंत्री के मनोनयन से जुड़ी पूर्व की सभी अधिसूचनाओं को निरस्त करते हुए नई व्यवस्था लागू की गई है। अगले आदेश तक मंत्रियों को उनके नाम के सामने अंकित जिलों का प्रभारी मंत्री सह अध्यक्ष नामित...
JDU में आरसीपी सिंह की नो एंट्री, ललन सिंह ने साफ किया रुख पुराने जख्मों को कुरेदते हुए बताया—क्यों बंद हैं पार्टी के दरवाजे
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JDU में आरसीपी सिंह की नो एंट्री, ललन सिंह ने साफ किया रुख पुराने जख्मों को कुरेदते हुए बताया—क्यों बंद हैं पार्टी के दरवाजे

पटना। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की जनता दल (यूनाइटेड) में संभावित वापसी की अटकलों पर अब पूर्ण विराम लग गया है। जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ‘ललन’ ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ शब्दों में कहा है कि पार्टी में आरसीपी सिंह के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने आरसीपी सिंह पर पार्टी को राजनीतिक नुकसान पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाते हुए पुराने विवादों को फिर से उजागर किया। आरसीपी की वापसी पर ललन का ब्रेक बिहार की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा तेज थी कि कभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी रहे आरसीपी सिंह जदयू में ‘घर वापसी’ कर सकते हैं। लेकिन इन अटकलों को खारिज करते हुए ललन सिंह ने कहा, “जिन लोगों के कार्यकाल में पार्टी 70 से ज्यादा सीटों से सिमटकर 40 के आसपास पहुंच गई, उनके लिए अब पार्टी में कोई जगह नहीं है। जनता ने एक बार फिर मुख्यमंत्री ...
पटना में NEET छात्रा की मौत से हड़कंप: शंभू गर्ल्स हॉस्टल का मालिक मनीष रंजन गिरफ्तार, 5 साल में चपरासी से करोड़पति बनने का रहस्य जांच के घेरे में
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पटना में NEET छात्रा की मौत से हड़कंप: शंभू गर्ल्स हॉस्टल का मालिक मनीष रंजन गिरफ्तार, 5 साल में चपरासी से करोड़पति बनने का रहस्य जांच के घेरे में

पटना। बिहार की राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज मामले में शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन उर्फ मनीष चंद्रवंशी की गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और मनीष की संपत्ति, आय के स्रोतों और आपराधिक पृष्ठभूमि को खंगाला जा रहा है। 15 हजार की नौकरी से करोड़ों की संपत्ति तक मनीष चंद्रवंशी मूल रूप से जहानाबाद जिले का निवासी है। वर्ष 2020 में वह पटना आया और एक निजी अस्पताल में फोर्थ ग्रेड कर्मचारी के रूप में मात्र 15 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम करने लगा। लेकिन कोरोना महामारी के दौरान उसने ऑक्सीजन सप्लाई एजेंसी शुरू की, जिसके बाद उसकी आर्थिक स्थिति में अचानक और असामान्य वृद्धि देखी गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि आज प...
तेजस्वी यादव की ‘समीक्षा बैठक’ पर सवाल, विधायक नदारद—तो फिर मकसद क्या था?
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तेजस्वी यादव की ‘समीक्षा बैठक’ पर सवाल, विधायक नदारद—तो फिर मकसद क्या था?

    बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली करारी हार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने समीक्षा बैठक तो की, लेकिन यह बैठक समाधान से ज़्यादा सवाल छोड़ गई। राजनीतिक गलियारों में जहां इस बैठक से जवाबदेही तय होने और भीतरघातियों पर कार्रवाई की उम्मीद की जा रही थी, वहीं हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखी।   सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि खुद को ‘समीक्षात्मक’ बताने वाली इस बैठक में पार्टी के एक भी विधायक शामिल नहीं थे। जबकि एनडीए के नेता लगातार यह दावा कर रहे हैं कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 18 विधायक उनके संपर्क में हैं। ऐसे समय में विधायकों से दूरी ने तेजस्वी यादव की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।   विधायकों के बिना समीक्षा?   राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर बैठक का उद्देश्य चुनावी हार की समीक्षा था, तो सबसे अहम भूमिका निभाने वाले विधायकों को बाहर रखना समझ से...
बिहार: फार्मासिस्ट के पद पर सिर्फ डी फार्मा वाले ही बहाल होंगे, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा
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बिहार: फार्मासिस्ट के पद पर सिर्फ डी फार्मा वाले ही बहाल होंगे, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा

    पटना: बिहार में फार्मासिस्टों की नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता का विवाद अब खत्म हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में फार्मासिस्ट के पद पर केवल डी फार्मा (डिप्लोमा इन फार्मेसी) धारक ही नियुक्त हो सकते हैं। पटना हाईकोर्ट ने 10 अप्रैल 2025 को यह फैसला सुनाया था, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा।   केस का विवरण यह मामला बिहार में फार्मासिस्टों के 2,473 पदों पर नियमित नियुक्तियों से जुड़ा है। बिहार तकनीकी सेवा आयोग ने इन पदों के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया था, जिसमें अभ्यर्थी के लिए न्यूनतम योग्यता विज्ञान में इंटरमीडिएट पास और किसी मान्यता प्राप्त फार्मेसी संस्थान से डी फार्मा डिप्लोमा होना अनिवार्य बताया गया था। इसके अलावा अभ्यर्थी का बिहार फार्मेसी काउंसिल में पंजीकृत होना भी जरूरी है।   बी फार्मा और एम फार्मा धारकों की निराशा सुप्रीम...
मुजफ्फरपुर: महिला और 3 बच्चों की हत्या केस में सोशल मीडिया और गायक का नाम संदिग्ध
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मुजफ्फरपुर: महिला और 3 बच्चों की हत्या केस में सोशल मीडिया और गायक का नाम संदिग्ध

    मुजफ्फरपुर: अहियापुर थाना क्षेत्र के चंदवारा पुल के नीचे बूढ़ी गंडक नदी से ममता कुमारी और उसके तीन मासूम बच्चों के शव मिलने के मामले में पुलिस की जांच जारी है। अब मामले में सोशल मीडिया संपर्कों, संदिग्धों और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल के दौरान कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।   सोशल मीडिया पर सक्रिय थीं ममता पुलिस ने ममता के फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप अकाउंट्स की जांच शुरू की है। यह पता लगाया जा रहा है कि वह किन लोगों के संपर्क में थी। शुरुआती जांच में एक कथित दिलफेंक गायक का नाम भी संदिग्धों की सूची में शामिल हुआ है।   आधा दर्जन संदिग्धों से पूछताछ मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने औराई के एक युवक समेत लगभग छह संदिग्धों से पूछताछ की है। हालांकि, अभी तक किसी निर्णायक सुराग का पता नहीं चला है। गुरुवार को एक साथ चार शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया...
मोतिहारी में समृद्धि यात्रा के दौरान जीविका दीदियों के स्टॉल देखकर खुश हुए नीतीश कुमार
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मोतिहारी में समृद्धि यात्रा के दौरान जीविका दीदियों के स्टॉल देखकर खुश हुए नीतीश कुमार

    मोतिहारी/पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के दूसरे दिन मोतिहारी पहुंचे और यहां उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसके बाद सीएम ने प्रदर्शनी में लगे स्टॉल का दौरा किया, जिसमें जीविका दीदियों के स्टॉल ने उनका विशेष ध्यान खींचा।   जीविका दीदियों का पहला स्टॉल: पहला स्टॉल बेंत, बांस कलाकृति और ड्राई फ्लावर के उत्पादों का था। सीएम नीतीश कुमार ने स्टॉल देख कर कहा कि जीविका दीदियों का भी अच्छा स्टॉल लगा हुआ है। वरिष्ठ अफसरों ने भी इस पर खुशी जताई। उन्होंने स्टॉल पर मौजूद जीविका दीदियों से बातचीत की और उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।   कृषि उद्यमी सेवा केंद्र का स्टॉल: इसके बाद सीएम ने जीविका की कृषि उद्यमी सेवा केंद्र का स्टॉल देखा। यहां भी उन्होंने दीदियों से उनका हालचाल पूछा और कार्यक्रम की प्रगति के बारे में जानकारी...
बिहारियों को लात मारने वालों को सियासी लात, मुंबई हाथ से गई
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बिहारियों को लात मारने वालों को सियासी लात, मुंबई हाथ से गई

    पटना/मुंबई: मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के चुनावों ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे को भाषा आधारित नफरत की राजनीति पर कड़ा सबक सिखा दिया है।   तीन दिन पहले राज ठाकरे ने चुनावी भाषण में हिंदी भाषी समुदाय को लक्षित करते हुए कहा था, “हिंदी आपकी भाषा है। इसे थोपने की कोशिश करेंगे, तो मैं आपको लात मारूंगा।” हालांकि, इस नफरती राजनीति का नतीजा मनसे को सिर्फ 6 वार्डों में जीत और 2.87 प्रतिशत वोटों के रूप में मिला। शिवसेना (यूबीटी) को भी भारी नुकसान हुआ।   मुंबई में उत्तर भारतीयों का प्रभाव मुंबई में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान आदि के मूल निवासी बड़ी संख्या में बसे हैं। कांदिवली, मलाड, मीरा-भयंदर, कुर्ला, गोरेगांव और घाटकोपर जैसे इलाकों में उत्तर भारतीय मतदाताओं का झुकाव बीजेपी और कांग्रेस ...
मुजफ्फरपुर: सिगार के नाम पर बीड़ी परोसने वाली नकली फैक्ट्री का खुलासा, कूरियर से आता था माल, फॉरेन लिंक भी मिला
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मुजफ्फरपुर: सिगार के नाम पर बीड़ी परोसने वाली नकली फैक्ट्री का खुलासा, कूरियर से आता था माल, फॉरेन लिंक भी मिला

  मुजफ्फरपुर: जिले में पुलिस ने नकली सिगार की फैक्ट्री का बड़ा खुलासा किया है। शुक्रवार को नगर थाना क्षेत्र के पुरानी बाजार स्थित शीतला माता मंदिर रोड पर छापेमारी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में नकली सिगार और सिगरेट का माल मिला। इस जब्त माल की अनुमानित कीमत डेढ़ से दो करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है।   सिगार के नाम पर बीड़ी परोसते थे तस्कर पुलिस ने बताया कि इस गोदाम में नकली सिगार को चोरी-छिपे स्टॉक किया गया था और इसे विभिन्न स्थानों पर सप्लाई किया जा रहा था। तस्करों ने इसे सिगार के नाम पर लोगों को बेचा, जबकि वास्तव में यह बीड़ी और अन्य नकली तंबाकू उत्पाद थे।   आईटीसी कंपनी का नकली माल बनाते थे तस्कर आईटीसी कंपनी को शिकायतें मिली थीं कि उनके नाम पर नकली सिगार और सिगरेट बेची जा रही हैं। शिकायत पर नगर थाना पुलिस ने मौके पर छापा मारा और देखा कि पूरे कारोबार का संचालन...