यूजीसी के नए नियम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका नियम 3(सी) पर रोक लगाने और इसे जाति-तटस्थ बनाने की मांग
नई दिल्ली।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा हाल ही में लागू किए गए ‘उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाले विनियम, 2026’ एक बार फिर कानूनी विवादों में घिर गए हैं। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दाखिल कर यूजीसी रेग्युलेशन के नियम 3(सी) को चुनौती दी गई है। याचिका में इस प्रावधान को भेदभावपूर्ण और गैर-समावेशी बताते हुए इसके क्रियान्वयन पर रोक लगाने की मांग की गई है।
क्या है नियम 3(सी)
यूजीसी के नियम 3(सी) के अनुसार, “जाति-आधारित भेदभाव” का अर्थ केवल अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के सदस्यों के खिलाफ जाति या जनजाति के आधार पर किया गया भेदभाव माना गया है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि इस परिभाषा के कारण अन्य वर्गों से जुड़े वे लोग, जो अपनी जातिगत पहचान के आधार पर भेदभाव का सामना क...










