कर्नाटक पुलिस के सब इंस्‍पेक्‍टर पर आरोप. (File pic)

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कर्नाटक पुलिस के सब इंस्‍पेक्‍टर पर आरोप. (File pic)

Karnataka Police: पुनीत ने अपनी शिकायत में बताया कि पुलिस ने उसे हिरासत में कई घंटों तक मारा. इस दौरान जब उसने पानी मांगा तो सब इंस्‍पेक्‍टर ने लॉकअप में मौजूद दूसरे व्‍यक्ति को पेशाब करने को कहा और फिर पुनीत को उसे पीने के लिए मजबूर किया.

हैदराबाद. कर्नाटक (Karnataka) के चिकमगलुरु में एक दलित युवक (Dalit Youth) ने पुलिस सब इंस्‍पेक्‍टर (Sub Inspector) पर आरोप लगाया है कि उसने उसे हिरासत के दौरान पेशाब पीने के लिए मजबूर किया था. इस दलित युवक को 10 मई को गिरफ्तार किया गया था. गांववालों ने उस पर एक दंपति को परेशान करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी. यह मामला तब सामने आया जब 22 साल के दलित युवक पुनीत ने वर‍िष्‍ठ अफसरों को पत्र लिखकर मामले से अवगत कराया और संबंधित सब इंस्‍पेक्‍टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पुनीत ने बताया कि उसे हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस ने उसे कई घंटों तक मारा. हिरासत के दौरान ही उसने पानी मांगा था. इस पर आरोपी सब इंस्‍पेक्‍टर ने उसे पानी देने से मना कर दिया. सब इंस्‍पेक्‍टर ने इसके बाद लॉकअप में मौजूद दूसरे व्‍यक्ति को पुनीत पर पेशाब करने को कहा और फिर पुनीत को उसे पीने के लिए मजबूर किया. पुनीत ने बताया कि चोरी के केस में बंद चेतन ने ऐसा करने से मना कर दिया. लेकिन पुलिसकर्मी से उसको धमकी दी कि अगर उसने ऐसा नहीं किया तो उसे टॉर्चर किया जाएगा. पुनीत ने आरोप लगाया कि पुलिस सब इंस्‍पेक्‍टर ने उसपर जमीन पर पड़ी पेशाब की बूंदें पर मुंह लगाने का दबाव डाला. इसके बाद उसे अपशब्‍द कहे और उसपर झूठा बयान देने के लिए भी दबाव डाला.

इस घटना के सामने आने के बाद चिकमगलुरु के एसपी ने प्रारंभिक जांच के आदेश जारी किए हैं और पुनीत का बयान भी दर्ज किया है. साथ ही आरोपी सब इंस्‍पेक्‍टर को पुलिस स्‍टेशन से स्‍थानांतरित कर दिया गया है.







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