
जयपुर: राजस्थान विधानसभा के आज के सत्र में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण के मुद्दे प्रमुख रहे। सदन में वन्यजीव हमले में जान गंवाने वालों के परिवारों के लिए मुआवजे की राशि 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपए करने की घोषणा की गई।
मुआवजे में बढ़ोतरी
धौलपुर से भाजपा विधायक जसवंत गुर्जर के सवाल के जवाब में वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष में हुई मौतों पर अब प्रभावित परिवारों को 10 लाख रुपए का आर्थिक संबल मिलेगा। मंत्री ने बताया कि इसके लिए नियमों में संशोधन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। यह कदम वन्यजीव हमलों के बढ़ते मामलों को देखते हुए परिवारों के लिए राहत देने वाला माना जा रहा है।
‘ओरण’ और ‘खेजड़ी’ पर उठे गंभीर सवाल
शून्यकाल के दौरान जैसलमेर से भाजपा विधायक छोटू सिंह भाटी ने पश्चिमी राजस्थान में सोलर कंपनियों द्वारा खेजड़ी के वृक्षों की अंधाधुंध कटाई और ओरण-चारागाह जमीनों पर अवैध कब्जे का मुद्दा उठाया। भाटी ने आरोप लगाया कि नियमों के विपरीत कंपनियों को गांवों की सड़कों, आम रास्तों और धार्मिक महत्व की जमीनें आवंटित की गई हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि ओरण और चारागाह की जमीनों को कंपनियों के कब्जे से तुरंत मुक्त कराया जाए और पर्यावरण के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोका जाए।