Tuesday, February 3

गोमांस रखने के आरोप में सात साल की जेल काट रही महिला को गुजरात हाईकोर्ट ने दी जमानत

अहमदाबाद, 3 फरवरी 2026: गुजरात हाईकोर्ट ने गोमांस रखने के आरोप में सात साल की जेल की सजा काट रही एक महिला की सजा को सस्पेंड कर दिया है। कोर्ट ने यह फैसला फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) रिपोर्ट में गड़बड़ियों, प्रक्रियात्मक खामियों और पुलिस द्वारा नियमों के उल्लंघन को ध्यान में रखते हुए सुनाया। कोर्ट ने महिला को अपील लंबित रहने तक शर्तों के साथ जमानत भी दे दी है।

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महिला, महेमुदा हयात, को दाहोद की एक कोर्ट ने 4 नवंबर, 2025 को सात साल की कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। यह सजा 6 जुलाई, 2023 को हुई एक छापेमारी में उनके पास से छह किलो गोमांस बरामद होने के मामले में दी गई थी।

महिला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सजा निलंबित करने का अनुरोध किया। याचिका में एफएसएल रिपोर्ट में विसंगतियों का हवाला दिया गया। रिपोर्ट में तीन में से दो नमूनों को ‘गाय की संतान’ और एक को ‘भैंस की संतान’ बताया गया था, जबकि एफआईआर 8 जुलाई, 2023 को दर्ज की गई थी। याचिकाकर्ता ने यह भी तर्क दिया कि पुलिस ने मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना गोमांस के नमूनों का निपटान किया, जो गुजरात पशु संरक्षण नियमों का उल्लंघन है।

महिला के वकील अल्ताफ चरखा ने कोर्ट को बताया कि पंचनामे और गवाहों के बयान में भी गंभीर विरोधाभास हैं। एक गवाह ने कहा कि उसने पुलिस स्टेशन में पंचनामे पर हस्ताक्षर किए, जिससे संदेह पैदा होता है कि पंचनामा बाद में तैयार किया गया। इसके अलावा, जिस घर में छापेमारी हुई थी, उसके मालिकाना हक की जांच नहीं की गई।

हाईकोर्ट ने सभी प्रक्रियात्मक खामियों और गड़बड़ियों को देखते हुए महिला को शर्तों के साथ जमानत दे दी।

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