Tuesday, February 3

भारत-अमेरिका ट्रेड डील: टैरिफ घटा, मोदी-ट्रंप की बातचीत ने रिश्तों को नया आयाम दिया

नई दिल्ली: सोमवार रात भारत के लिए अच्छी खबर आई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगे रेसिप्रोकल टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया। यह जानकारी ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “ट्रुथ सोशल” पर साझा की। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सम्मान की बात है कि उन्होंने सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की।

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बातचीत में क्या हुआ?
ट्रंप और मोदी ने कई मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें व्यापार के साथ-साथ रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को समाप्त करने के प्रयास भी शामिल थे। बातचीत में पीएम मोदी ने रूसी तेल खरीदना कम करने और अमेरिका तथा वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदने की सहमति जताई।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा, “हमारे प्यारे दोस्त, राष्ट्रपति ट्रंप से मेरी आज की बातचीत से मुझे बहुत खुशी हुई। ‘मेड इन इंडिया’ पर अब केवल 18% टैक्स लगेगा। यह भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप को एक बड़ा तोहफा है।”

ट्रेड डील के अहम बिंदु:

  • अमेरिका भारत से आने वाले कुछ सामानों पर टैरिफ घटाएगा।

  • भारत अमेरिका से ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, कृषि, कोयला और अन्य उत्पादों की खरीद बढ़ाएगा। कुल खरीद 500 अरब डॉलर से अधिक होगी।

  • भारत अब रूस से तेल की खरीद कम करेगा और वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदेगा।

  • दोनों देशों ने अपने व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।

इसका मतलब क्या है?
इस डील से भारत को अमेरिकी उत्पादों पर कम टैरिफ का लाभ मिलेगा और वह अमेरिका से अधिक वस्तुएं खरीद सकेगा। अमेरिका के लिए यह कदम अपने व्यापार घाटे को कम करने और भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में अहम है।

व्यापक संदर्भ:
यह डील ऐसे समय में हुई है जब भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) ने भी एक बड़ी व्यापार डील पर समझौता किया था। हालांकि, अमेरिका अभी भी भारत का सबसे बड़ा एकल व्यापारिक साझेदार बना हुआ है।

निष्कर्ष:
मोदी और ट्रंप की इस बातचीत और ट्रेड डील से भारत-अमेरिका के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों में नई मजबूती आएगी। यह डील भारत की ऊर्जा जरूरतों, व्यापार और वैश्विक कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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