
तेहरान: ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उस पर कोई भी सैन्य हमला किया गया तो उसका जवाब तुरंत और निर्णायक रूप से दिया जाएगा। ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसके बैलिस्टिक और उन्नत मिसाइल अमेरिकी सैन्य ठिकानों और एयरक्राफ्ट कैरियर को निशाना बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि “तेहरान के लिए समय समाप्त हो रहा है।” वहीं, यूरोपीय संघ ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकवादी संगठन घोषित करते हुए उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
ईरान की प्रतिक्रिया सीमित नहीं होगी: सैन्य प्रवक्ता
ईरान के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने सरकारी टेलीविजन पर कहा कि यदि अमेरिका यह समझता है कि वह सीमित सैन्य कार्रवाई कर सकता है और फिर कुछ घंटों में ऑपरेशन समाप्त घोषित कर देगा, तो यह एक बड़ी गलतफहमी होगी। उन्होंने कहा कि इस बार ईरान की प्रतिक्रिया न तो सीमित होगी और न ही प्रतीकात्मक, बल्कि तत्काल और निर्णायक होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर में गंभीर कमजोरियां हैं और खाड़ी क्षेत्र में स्थित कई अमेरिकी सैन्य अड्डे ईरान की मध्यम दूरी की मिसाइलों की रेंज में हैं।
पिछले टकराव का हवाला
गौरतलब है कि पिछले साल जून में ईरान-इजरायल तनाव के दौरान अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर बी-2 बॉम्बर्स से हमला किया था। इसके जवाब में ईरान ने कतर स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर सीमित प्रभाव वाले मिसाइल हमले किए थे। हालांकि, इस बार ईरान ने अधिक उन्नत और भारी मिसाइलों के इस्तेमाल की चेतावनी दी है।
मिडिल ईस्ट पहुंचा अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर
इस बीच, अमेरिका का एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन मिडिल ईस्ट पहुंच चुका है। इसके साथ चार युद्धपोत भी तैनात हैं, जो टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों से लैस हैं। एयरक्राफ्ट कैरियर पर एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट भी मौजूद हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि एक और अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है।
क्षेत्रीय और वैश्विक चिंता
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान से परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत फिर से शुरू करने की अपील की है, ताकि क्षेत्र को संभावित विनाशकारी संकट से बचाया जा सके।
उधर, कतर समाचार एजेंसी के अनुसार, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बातचीत कर तनाव कम करने और स्थिरता बहाल करने के प्रयासों पर चर्चा की है।
खाड़ी क्षेत्र के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर चेतावनी दी कि यदि ईरान पर हमला हुआ तो पूरा इलाका अराजकता में डूब सकता है, जिससे वैश्विक तेल और गैस कीमतों पर गंभीर असर पड़ेगा और अमेरिका समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।