Wednesday, January 14

महुआ मोइत्रा को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत: कैश फॉर क्वेरी मामले में लोकपाल का आदेश रद्द

 तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा को कैश फॉर क्वेरी मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण राहत दी है। कोर्ट ने लोकपाल का वह आदेश रद्द कर दिया, जिसमें सीबीआई को उनके खिलाफ चार्जशीट दर्ज करने की अनुमति दी गई थी।

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कोर्ट का आदेश और आगे की प्रक्रिया:
जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की बेंच ने कहा, “लोकपाल का आदेश रद्द किया जाता है। लोकपाल को लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम की धारा 20 के तहत एक महीने के भीतर मंजूरी पर विचार करना चाहिए।

महुआ मोइत्रा ने हाई कोर्ट में दावा किया कि लोकपाल का 12 नवंबर का आदेश गलत, अधिनियम के खिलाफ और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन था। उनके अनुसार, बिना उनकी सुनवाई किए सीबीआई को चार्जशीट दर्ज करने की अनुमति देना सही नहीं था।

सीबीआई की दलील:
सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि महुआ मोइत्रा को लोकपाल की प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज देने का अधिकार नहीं है और वह केवल टिप्पणियां कर सकती हैं।

कैश फॉर क्वेरी केस की पृष्ठभूमि:
यह मामला दुबई निवासी बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से कथित कैश और गिफ्ट लेने और इसके बदले संसद में सवाल पूछने से जुड़ा है। पिछले लोकसभा में संसद की एथिक्स कमेटी ने महुआ मोइत्रा को ‘गलत आचरण’ का दोषी ठहराया था, जिसके कारण उनकी संसद सदस्यता चली गई थी। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में वे फिर से चुनकर संसद पहुंच गईं।

निष्कर्ष:
दिल्ली हाई कोर्ट के इस आदेश से महुआ मोइत्रा को कानूनी राहत मिली है, लेकिन अब लोकपाल के सामने मामले की फिर से सुनवाई और मंजूरी का चरण बाकी है। इसके बाद ही सीबीआई की कार्रवाई पर अंतिम फैसला होगा।

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