Sunday, January 11

ब्रिक्स में शामिल होने के लिए बेताब पाकिस्तान: शहबाज सरकार रूस और चीन की शरण में, भारत करेगा क्या निर्णय?

इस्लामाबाद।
पाकिस्तान ने BRICS समूह में शामिल होने की अपनी इच्छा फिर से जताई है। वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने कहा कि पाकिस्तान इस ब्लॉक में सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभा सकता है। उन्होंने निवेश और आर्थिक विकास के लिए मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता को प्राथमिकता बताया और कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार भी सुधार के रास्ते पर है।

This slideshow requires JavaScript.

ब्रिक्स क्या है:
BRICS में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। यह उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसका लक्ष्य आर्थिक सहयोग बढ़ाना, व्यापार और निवेश को प्रोत्साहित करना और वैश्विक प्रभाव को मजबूत करना है। हाल ही में इस समूह में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को शामिल कर इसे ‘BRICS+’ के रूप में विस्तार दिया गया है।

भारत का रुख:
पाकिस्तान लंबे समय से ब्रिक्स सदस्यता के लिए प्रयासरत है, लेकिन उसे अब तक समूह में शामिल नहीं किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान को सदस्यता पाने के लिए सभी मौजूदा सदस्यों की सहमति चाहिए। भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के चलते भारत पाकिस्तान के आवेदन का विरोध कर सकता है।

पाकिस्तानी मंत्री का बयान:
RIA नोवोस्ती के साथ इंटरव्यू में, वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने कहा कि पाकिस्तान शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में सक्रिय सदस्य है और BRICS में भी रचनात्मक योगदान दे सकता है। उन्होंने वैकल्पिक सीमा-पार भुगतान प्रणालियों और वैश्विक वित्तीय ढांचों के साथ पाकिस्तान के जुड़ाव पर भी चर्चा की।

निवेश और आर्थिक स्थिति:
पाकिस्तानी वित्त मंत्री ने निवेश के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार सुधार के रास्ते पर है और यह लगभग तीन महीने के आयात को कवर करने के करीब पहुंच गया है। यह कदम निवेशकों को आश्वस्त करने और आर्थिक विश्वास बनाए रखने के लिए अहम है।


यदि चाहें, मैं इसे अखबार के फ्रंट पेज के लिए आकर्षक हेडलाइन, सबहेडिंग और पॉइंट्स के साथ तैयार कर दूँ, ताकि यह ज्यादा प्रभावशाली लगे। इसे तैयार कर दूँ?

Leave a Reply