Thursday, May 14

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तालिबान से दुश्मनी ने पाकिस्तान को भारी पड़ाई, अफगान व्यापार बंद होने से 4.5 अरब डॉलर का नुकसान

इस्लामाबाद: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच दशकों पुराने वाणिज्यिक और सामाजिक संबंधों में हाल ही में तनाव के कारण पाकिस्तान को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। अफगानिस्तान के साथ व्यापार रोकने के बाद पाकिस्तान को अब तक लगभग 4.5 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका है। पाकिस्तान-अफगानिस्तान जाइंट चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने इस नुकसान की पुष्टि की है और चेतावनी दी है कि अगर सीमा व्यापार बंद रहा, तो दिसंबर से मार्च तक नारंगी और आलू का निर्यात भी प्रभावित होगा, जिससे 20 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त घाटा होने की संभावना है।

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पाकिस्तानी सेना को उम्मीद थी कि अफगान तालिबान पर हवाई हमले के बाद वे दब जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके उलट, टीटीपी के आतंकवादी लगातार पाकिस्तानी सेना पर हमले कर रहे हैं। वहीं, पाकिस्तानी व्यापारियों की हालत खस्ताहाल हो गई है। अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी दवाओं का आयात रोक दिया और भारतीय दवाओं की पहली खेप अफगानिस्तान पहुंच चुकी है।

व्यापारिक संकट का असर: सीमा व्यापार बंद होने के कारण ट्रकों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिनमें कोयला, सीमेंट, अनार, कपास, दवाइयां और अन्य सामान फंसे हुए हैं। पाकिस्तान की सेना उम्मीद कर रही है कि इस दबाव से तालिबानी सरकार और टीटीपी पर नियंत्रण बढ़ाया जा सके। वहीं, अफगानिस्तान अपने व्यापार को ईरान के चबहार पोर्ट के माध्यम से भारत और मध्य एशियाई देशों तक बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

सामाजिक और सुरक्षा असर: पाकिस्तान में रहने वाले अफगान नागरिक डर के साए में जीवन जी रहे हैं। वे घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं। तालिबान और टीटीपी के बीच संघर्ष ने पाकिस्तान के सुरक्षा और वाणिज्यिक ढांचे को भी प्रभावित किया है।

इस पूरी स्थिति से स्पष्ट हो गया है कि अफगानिस्तान के साथ व्यापारिक संबंधों में व्यवधान ने पाकिस्तान को आर्थिक और सामाजिक स्तर पर गंभीर संकट में डाल दिया है।

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