भागीरथपुरा में दूषित पानी से 16 मौतें स्वीकार, 4 मामलों पर संदेह हाईकोर्ट ने रिपोर्ट को बताया ‘आई-वॉश’, ‘वर्बल ऑटोप्सी’ शब्द पर जताई कड़ी आपत्ति
इंदौर।भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से हुई मौतों के मामले में मंगलवार को इंदौर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। जनहित याचिकाओं पर करीब ढाई घंटे चली सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष प्रस्तुत रिपोर्ट को लेकर न्यायालय ने तीखी टिप्पणी की और उसे महज़ “आई-वॉश” करार दिया।
हाईकोर्ट को सौंपी गई रिपोर्ट में कुल 23 मौतों का उल्लेख किया गया, जिनमें से 16 मौतों को दूषित पानी से होना स्वीकार किया गया, जबकि चार मामलों में असमंजस की स्थिति बताई गई है। वहीं तीन मौतों को दूषित पानी से जोड़ने से इनकार किया गया। अदालत ने रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें मौतों के कारण स्पष्ट रूप से दर्ज ही नहीं किए गए हैं।
‘वर्बल ऑटोप्सी’ शब्द पर हाईकोर्ट की आपत्ति
जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने रिपोर्ट में प्रयुक्त ‘वर्बल ऑटोप...










