1837 का वो छापामार युद्ध: सेरेंगसिया घाटी की पहाड़ियों में दर्ज है 26 आदिवासी शहीदों की दास्तान
चाईबासा: झारखंड के कोल्हान प्रमंडल की सेरेंगसिया घाटी हर साल 2 फरवरी को इतिहास के उन पन्नों को याद करती है, जब 1837 में आदिवासी लड़ाकों ने अंग्रेजों की बड़ी फौज को तीर-धनुष, विशेष गुलेल और पत्थरों से परास्त कर दिया था। इस छापामार युद्ध में अंग्रेजों के 100 से अधिक सैनिक मारे गए, जबकि 26 आदिवासी वीर शहीद हुए। बाद में अंग्रेजों ने विद्रोह के नायक पोटो हो और उनके साथियों को गिरफ्तार कर सरेआम फांसी दी थी।
सेरेंगसिया घाटी में शहीद मेला और श्रद्धांजलिइस गौरवशाली शहादत की स्मृति में हर साल 2 फरवरी को सेरेंगसिया घाटी में शहीद मेला आयोजित किया जाता है। सोमवार को भी यहां हजारों लोग जुटे और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री दीपक बिरुआ और सांसद जोबा माझी ने शहीद स्मारकों पर शीश नवाया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पश्चिमी सिंहभूम जिले को कई विकास योजनाओं की सौगात दी और 1,47...










