Wednesday, March 4

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बेटा न होने पर प्रताड़ना का आरोप: नालंदा में मां और दो मासूम बेटियों की जहर से मौत, मायके वालों ने ससुराल पर लगाया हत्या का आरोप
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बेटा न होने पर प्रताड़ना का आरोप: नालंदा में मां और दो मासूम बेटियों की जहर से मौत, मायके वालों ने ससुराल पर लगाया हत्या का आरोप

नालंदा (बिहार)। नालंदा जिले के रहुई थाना क्षेत्र अंतर्गत जगतनंदनपुर गांव में मंगलवार शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां संदिग्ध परिस्थितियों में एक महिला और उसकी दो मासूम बेटियों की जहर से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतकों की पहचान 27 वर्षीय कविता कुमारी, उसकी 5 वर्षीय बेटी सपना कुमारी और डेढ़ वर्षीय बेटी गुंजन कुमारी के रूप में हुई है। तीनों को गंभीर हालत में पावापुरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मायके वालों ने लगाया हत्या का आरोप मृतका कविता का मायका बिहार थाना क्षेत्र के वासवन बिगहा गांव में है। मायके पक्ष का आरोप है कि कविता को बेटा न होने के कारण लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। मृतका के दादा सूबे यादव ने बताया कि पिछले छह दिनों से कविता और उसके बच्चों को ससुराल में खाना तक न...
बिहार में पेश हुआ 3,47,589.76 करोड़ रुपए का बजट, 94 लाख गरीब परिवारों के लिए विशेष योजनाओं का ऐलान
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बिहार में पेश हुआ 3,47,589.76 करोड़ रुपए का बजट, 94 लाख गरीब परिवारों के लिए विशेष योजनाओं का ऐलान

पटना: बिहार विधानसभा में वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश किया, जिसका कुल आकार 3,47,589.76 करोड़ रुपए रखा गया है। यह पिछले वर्ष के 3.17 लाख करोड़ रुपए के बजट से लगभग 30 हजार करोड़ अधिक है। वित्त मंत्री ने सदन में कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ‘सात निश्चय-3’ के माध्यम से बिहार को विकसित राज्यों की कतार में लाना है। इस बजट में गरीबी उन्मूलन और समावेशी विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत 94 लाख गरीब परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की विशेष योजनाओं की घोषणा की गई है। विकास के 'पांच मंत्र' वित्त मंत्री ने बिहार के विकास का रोडमैप साझा करते हुए पांच मूल स्तंभों की पहचान की – ज्ञान, ईमान, विज्ञान, अरमान और सम्मान। इन पर आधारित योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, पारदर्शी शासन, आधुनिक तकनीक, युवाओं की आकांक्षाएँ और सामाजिक गौरव को बजट की प्र...
जहां सरयू हुई विलुप्त, गंगा-सोन के संगम पर बसा इतिहास: सूफी परंपरा का जीवंत केंद्र मनेर
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जहां सरयू हुई विलुप्त, गंगा-सोन के संगम पर बसा इतिहास: सूफी परंपरा का जीवंत केंद्र मनेर

पटना: पटना जिले के पश्चिम में स्थित मनेर शरीफ इतिहास, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम है। कभी गंगा, सोन और सरयू नदियों के संगम पर बसा यह नगर आज सूफी परंपरा के एक महत्वपूर्ण तीर्थ के रूप में जाना जाता है। अपने प्रसिद्ध लड्डुओं से लेकर भव्य दरगाहों तक, मनेर सदियों से आस्था और इतिहास का साक्षी रहा है। मनेर का प्राचीन नाम ‘मनियार मठान’ बताया जाता है, जिसका अर्थ स्थानीय परंपरा में “संगीत नगरी” माना जाता है। समय के साथ सूफी संतों के प्रभाव से यह स्थान आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ और इसके नाम के साथ ‘शरीफ’ जुड़ गया। इतिहासकारों के अनुसार मनेर का उल्लेख मध्यकाल से भी पहले के अभिलेखों में मिलता है। संगम की भूमि और सामरिक महत्व प्राचीन काल में मनेर गंगा, सोन और सरयू नदियों के संगम पर स्थित था। उस दौर में नदी मार्ग ही व्यापार और आवागमन की धुरी थे, इसलिए यह क्षेत्र सामरिक...
आर्थिक सर्वेक्षण का खुलासा: बिहार में वाहनों की रिकॉर्ड खरीद, 2024 में करीब 14 लाख नए रजिस्ट्रेशन
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आर्थिक सर्वेक्षण का खुलासा: बिहार में वाहनों की रिकॉर्ड खरीद, 2024 में करीब 14 लाख नए रजिस्ट्रेशन

पटना: अक्सर गरीबी और पिछड़ेपन की बहस में घिरे बिहार से परिवहन क्षेत्र को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार वर्ष 2024 में राज्य में 13.95 लाख नए वाहनों का पंजीकरण हुआ, जो देश में कुल वाहन बिक्री का 5 प्रतिशत से अधिक है। इस उछाल ने न सिर्फ बाजार को गति दी, बल्कि राज्य सरकार को 3678 करोड़ रुपये का राजस्व भी मिला। रिपोर्ट के मुताबिक निजी वाहनों के निबंधन में बिहार देश में सातवें स्थान पर रहा, जबकि बस और ट्रक जैसे व्यावसायिक वाहनों की श्रेणी में राज्य ने पांचवां स्थान हासिल किया। राजधानी पटना इस वृद्धि का केंद्र रहा, जहां अकेले 1.66 लाख से अधिक नए वाहन रजिस्टर्ड हुए। दोपहिया वाहनों की सबसे ज्यादा मांग सर्वेक्षण के अनुसार 2024 में राज्य में 11.26 लाख दोपहिया वाहनों का पंजीकरण हुआ। इसके अलावा 77 हजार कारें, 78 हजार टैक्सियां और लगभग 45 हजार तिपहिया वाहन ...
शपथ लेने विधानसभा पहुंचे अनंत सिंह, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लिया आशीर्वाद
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शपथ लेने विधानसभा पहुंचे अनंत सिंह, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लिया आशीर्वाद

पटना: मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने मंगलवार को अदालत की अनुमति के बाद बिहार विधानसभा में शपथ ली। शपथ ग्रहण के दौरान उनका विधानसभा पहुंचना और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात चर्चा का विषय बना रहा। औपचारिक परिधान में माथे पर तिलक और गले में मालाएं पहने अनंत सिंह सदन पहुंचे। शपथ लेने के बाद उन्होंने विधानसभा की डायरी में हस्ताक्षर किए और अध्यक्ष प्रेम कुमार का अभिवादन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के दौरान अनंत सिंह ने उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। दोनों नेताओं के बीच संक्षिप्त बातचीत भी हुई। मुख्यमंत्री ने भी हाथ जोड़कर उनका अभिवादन स्वीकार किया। दो दशक पुराना राजनीतिक रिश्ता अनंत सिंह और नीतीश कुमार के संबंध करीब दो दशक पुराने माने जाते हैं। 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों की राजनीतिक नजदीकियां चर्चा में आई थीं। 2005 में सत्ता परिवर्तन के बाद अनंत सि...
बंगाल चुनाव में बीजेपी की सामाजिक रणनीति, बिहार के नेताओं को मिली प्रचार की जिम्मेदारी
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बंगाल चुनाव में बीजेपी की सामाजिक रणनीति, बिहार के नेताओं को मिली प्रचार की जिम्मेदारी

पटना: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सामाजिक समीकरणों पर आधारित रणनीति तेज कर दी है। पार्टी ने बिहार के विभिन्न जाति समूहों में प्रभाव रखने वाले वरिष्ठ नेताओं को चुनाव प्रचार में उतारने की योजना बनाई है, ताकि प्रवासी बिहारी मतदाताओं और सामाजिक आधार को अपने पक्ष में संगठित किया जा सके। भाजपा रणनीतिकारों का मानना है कि पश्चिम बंगाल के कई इलाकों, खासकर उत्तरी बंगाल में बड़ी संख्या में बिहार और उत्तर प्रदेश से गए प्रवासी मतदाता रहते हैं, जिनकी सामाजिक पहचान चुनावी रुझानों को प्रभावित कर सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग समुदायों में प्रभाव रखने वाले नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यादव समुदाय के बीच पैठ मजबूत करने के लिए पूर्व मंत्री रामसूरत राय को प्रचार की कमान दी गई है। भूमिहार और ब्राह्मण मतदाताओं के बीच संपर्क अभियान के लिए देवेश मिश्रा और पूर्व मंत...
अपनी ही सरकार पर JDU विधायक कोमल सिंह के सवाल, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह से सदन में तीखी बहस
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अपनी ही सरकार पर JDU विधायक कोमल सिंह के सवाल, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह से सदन में तीखी बहस

पटना: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सत्ता पक्ष के भीतर ही सवाल-जवाब का ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने सदन का माहौल गरमा दिया। गायघाट (मुजफ्फरपुर) से जेडीयू विधायक कोमल सिंह ने अपने क्षेत्र में स्टेडियम निर्माण को लेकर सरकार के दावों पर गंभीर सवाल उठाए और विभागीय रिपोर्ट को भ्रामक बताया। उनके आरोपों के जवाब में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने तकनीकी प्रमाणों के साथ सरकार का पक्ष रखा। प्रश्नकाल के दौरान कोमल सिंह ने कहा कि जारंग और अथवारा पंचायत में स्टेडियम निर्माण को लेकर जो रिपोर्ट दी गई है, वह जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाती। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन स्थलों को स्टेडियम बताया जा रहा है, वे दरअसल स्कूलों के खाली मैदान हैं, जहां खेल सुविधाओं का अभाव है। विधायक ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। इस पर खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने सदन को बताया कि संबंधित स्थानों पर फुटबॉल स...
बजट और ब्रीफकेस के रंग में राजनीति का संदेश, परिधान भी बनते हैं चुनावी संकेत
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बजट और ब्रीफकेस के रंग में राजनीति का संदेश, परिधान भी बनते हैं चुनावी संकेत

पटना: बजट सत्र अब केवल आर्थिक नीतियों और विकास योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक संदेश देने का एक सशक्त मंच भी बन चुका है। केंद्र से लेकर राज्यों तक, बजट प्रस्तुति के दौरान रंग, परिधान और प्रतीकों के जरिए जनभावनाओं को प्रभावित करने की कोशिश साफ दिखाई देती है। केंद्र सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हालिया बजट पेश करते समय कांजीवरम साड़ी धारण की, जिसे राजनीतिक विश्लेषक तमिलनाडु की सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देख रहे हैं। इससे पहले उन्होंने मिथिला पेंटिंग की साड़ी पहनकर बजट पेश किया था, जिसे बिहार की सांस्कृतिक विरासत से संवाद स्थापित करने की रणनीति माना गया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के प्रतीकात्मक संदेश चुनावी माहौल में खास महत्व रखते हैं। बजट ब्रीफकेस के रंग को लेकर भी राजनीति का लंबा इतिहास रहा है। परंपरागत रूप से लाल रंग का ब्रीफकेस बजट प...
‘चोट जब दिल पर लगती है, दर्द बेइंतेहा होता है’ – रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव पर साधा निशाना
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‘चोट जब दिल पर लगती है, दर्द बेइंतेहा होता है’ – रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव पर साधा निशाना

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की सिंगापुर में रहने वाली बेटी रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर तेजस्वी यादव को निशाने पर लिया है। हालांकि उन्होंने सीधे नाम का जिक्र नहीं किया, लेकिन उनके ताज़ा सोशल मीडिया पोस्ट से ऐसा माना जा रहा है कि निशाना नेता प्रतिपक्ष और राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ही हैं। रोहिणी ने ट्वीट किया, “जिस्मानी जख्म से भी दर्द होता है, मगर चोट जब दिल पर लगती है, दर्द बेइंतेहा होता है।” माना जा रहा है कि यह टिप्पणी उनके मायके राबड़ी आवास पर हुई घटना से जुड़ी है, जब उन्हें कथित तौर पर चप्पल से मारने की कोशिश की गई थी और घर से बाहर निकाल दिया गया था। इससे पहले सोमवार को तेजस्वी यादव बिहार विधानसभा के बजट सत्र में शामिल हुए, तब वे व्हीलचेयर पर थे क्योंकि उनके पैर के अंगूठे में चोट लगी थी। चोट के कारण उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके ब...
बिहार में हड़ताली सीओ पर सख्ती: कार, डिजिटल डोंगल जब्त, ‘नो वर्क-नो पे’, नौकरी पर खतरा
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बिहार में हड़ताली सीओ पर सख्ती: कार, डिजिटल डोंगल जब्त, ‘नो वर्क-नो पे’, नौकरी पर खतरा

पटना: बिहार में हड़ताल पर गए अंचलाधिकारी (Circle Officer) अब सरकार की सख्ती का सामना कर रहे हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने हड़ताली अधिकारियों के सरकारी वाहन और डिजिटल डोंगल जब्त कर दिए हैं और ‘नो वर्क-नो पे’ लागू कर दिया है। सचिव सीके अनिल ने डिप्टी सीएम विजय सिन्हा की मौजूदगी में चेतावनी दी कि हड़ताल वापस नहीं लेने पर नौकरी से बर्खास्त किया जा सकता है। राजस्व सेवा संघ के आह्वान पर सोमवार से शुरू हुई हड़ताल को सरकार ने बजट सत्र के दौरान ‘अनुचित’ करार दिया। सचिव ने कहा कि बजट सत्र के दौरान इस तरह की गतिविधि जनहित के खिलाफ है और हड़ताल से अनिवार्य जनता दरबार आयोजित नहीं हो सके, जिससे दाखिल-खारिज और राजस्व कार्य ठप रहा। सरकार ने आदेश दिया है कि सभी जिलाधिकारियों द्वारा हड़ताली सीओ से सरकारी गाड़ियां, डिजिटल सिग्नेचर डोंगल और महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेखों की चाबियां तुरंत जमा कराई जाएँ। हड...