भारतीय सेना बदलेगी फिटनेस टेस्ट का तरीका, अग्निवीरों से अफसरों तक सभी पर लागू होगा
भारतीय सेना अगले प्रशिक्षण वर्ष से फिजिकल फिटनेस टेस्ट (PFT) के तरीके में बड़ा बदलाव करने जा रही है। यह नई प्रक्रिया जवानों और अफसरों के सभी स्तरों पर लागू होगी। इसका उद्देश्य सैन्यकर्मियों को केवल टेस्ट पास करने की उलझनों में उलझाने की बजाय, वास्तविक फिटनेस बनाए रखने और युद्ध की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करने का है।
फिलहाल की प्रक्रिया
अब तक सेना में बैटल प्रिपेयर्डनेस एफिशिएंसी टेस्ट (BPET) और फिजिकल प्रोफिशिएंसी टेस्ट (PPT) हर तीन महीने में आयोजित होते हैं। BPET में 5 किलोमीटर दौड़, रस्सियों से चढ़ाई, 9 फीट गड्ढे में कूद और 60 मीटर स्प्रिंट शामिल है। PPT में 3.2 किलोमीटर दौड़, चिन-अप्स, सिट-अप्स, 5 मीटर शटल और 100 मीटर स्प्रिंट का परीक्षण होता है।
इस प्रक्रिया में जवानों का ध्यान लगातार अगले टेस्ट की तैयारी में बँध जाता है और उम्र के अनुसार दौड़ की लंबाई व अन्य मापदंड बदलते रहते हैं...










