Monday, June 15

Life Style

पेरेंट्स ध्यान दें: बच्चे को प्ले स्कूल भेजने की सही उम्र जानना है जरूरी, वरना बढ़ सकती है जुदाई की चिंता
Life Style

पेरेंट्स ध्यान दें: बच्चे को प्ले स्कूल भेजने की सही उम्र जानना है जरूरी, वरना बढ़ सकती है जुदाई की चिंता

नई दिल्ली। बच्चे का पहली बार स्कूल जाना हर माता-पिता के लिए एक भावनात्मक और अहम फैसला होता है। आमतौर पर पेरेंट्स स्कूल का माहौल, सुरक्षा और पढ़ाने के तरीकों पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन कई बार एक बेहद जरूरी पहलू—बच्चे की सही उम्र—नज़रअंदाज़ हो जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बहुत कम उम्र में बच्चे को प्ले स्कूल भेजने से उसमें सेपरेशन एंग्जायटी यानी माता-पिता से बिछड़ने का डर बढ़ सकता है। पीडियाट्रिशियन और एक्सपर्ट डॉक्टर निमिषा अरोड़ा के अनुसार, प्ले स्कूल के लिए तीन साल की उम्र सबसे उपयुक्त मानी जाती है। इस उम्र तक बच्चा शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से स्कूल जाने के लिए अधिक तैयार होता है। पेरेंट्स में बढ़ रहा है ‘फोमो’ का डर डॉ. अरोड़ा बताती हैं कि आजकल माता-पिता में फियर ऑफ मिसिंग आउट (FOMO) तेजी से बढ़ रहा है। जब वे देखते हैं कि आसपास के बच्चे डेढ़ या दो साल की उम्र में ही स्कू...
कोविड-19 के बाद आज भी क्यों फूलती है सांस? पल्मोनोलॉजी विशेषज्ञ ने बताए कारण और बचाव के उपाय
Life Style

कोविड-19 के बाद आज भी क्यों फूलती है सांस? पल्मोनोलॉजी विशेषज्ञ ने बताए कारण और बचाव के उपाय

नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी को बीते छह वर्ष से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन इसके दुष्प्रभाव आज भी कई लोगों की सेहत पर असर डाल रहे हैं। खासतौर पर बड़ी संख्या में लोग संक्रमण से ठीक होने के बाद भी सांस फूलने, सीने में जकड़न, खांसी और जल्दी थकान जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। सवाल यह है कि जब संक्रमण खत्म हो चुका है, तो फिर सांस लेने में तकलीफ क्यों बनी रहती है? आईएसआईसी मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल के पल्मोनोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. राज कुमार के अनुसार, फ्लू, निमोनिया और कोविड-19 जैसे श्वसन संक्रमणों के बाद कुछ लोगों में पोस्ट इंफेक्शन लंग प्रॉब्लम देखी जाती है, जो भारत में तेजी से आम होती जा रही है। पोस्ट वायरल ब्रोंकियल हाइपररिस्पॉन्सिवनेस है बड़ी वजह डॉ. राज कुमार बताते हैं कि कोविड के बाद सांस फूलने का एक प्रमुख कारण पोस्ट वायरल ब्रोंकियल हाइपररिस्पॉन्सिवनेस (PVBHR) है। इस स्थित...
गुड़हल में आएंगी ढेरों कलियां, बड़े आकार में खिलेंगे फूल महंगे खाद की जरूरत नहीं, एक आलू करेगा कमाल: माली का घरेलू नुस्खा
Life Style

गुड़हल में आएंगी ढेरों कलियां, बड़े आकार में खिलेंगे फूल महंगे खाद की जरूरत नहीं, एक आलू करेगा कमाल: माली का घरेलू नुस्खा

नई दिल्ली। अगर घर में लगा गुड़हल का पौधा सुस्त पड़ गया है, उसमें कलियां नहीं बन रहीं या फूल छोटे आकार के आ रहे हैं, तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार, महंगे केमिकल फर्टिलाइजर की जगह रसोई में मौजूद एक साधारण आलू से यह समस्या आसानी से दूर की जा सकती है। गार्डनिंग एक्सपर्ट के मुताबिक, गुड़हल को ‘हैवी फीडर’ पौधा माना जाता है। यानी इसकी अच्छी बढ़वार और भरपूर फूलों के लिए मिट्टी में पोटैशियम, फॉस्फोरस और खनिज तत्वों की पर्याप्त मात्रा जरूरी होती है। आलू इन सभी पोषक तत्वों का प्राकृतिक स्रोत है और इसका लिक्विड फर्टिलाइजर पौधे को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ फूलों की संख्या और आकार दोनों बढ़ाता है। क्यों असरदार है आलू आलू में मौजूद पोटैशियम फूलों के विकास में अहम भूमिका निभाता है। वहीं फॉस्फोरस जड़ों को मजबूत करता है और स्टार्च पौधे को अतिरिक्त ऊर्जा देता है। आलू से ब...
शाही परंपरा में नन्ही राजकुमारी का स्वागत मां बनीं महारानी राधिकाराजे गायकवाड़, चांदी के पालने में हुआ नामकरण
Life Style

शाही परंपरा में नन्ही राजकुमारी का स्वागत मां बनीं महारानी राधिकाराजे गायकवाड़, चांदी के पालने में हुआ नामकरण

बड़ौदा। बड़ौदा राजघराने की महारानी राधिकाराजे गायकवाड़ जब पहली बार मां बनीं, तो यह क्षण केवल पारिवारिक नहीं, बल्कि शाही परंपरा और भारतीय संस्कृति का सुंदर उदाहरण भी बन गया। लक्ष्मी विलास पैलेस के भव्य दरबार हॉल में चांदी के पालने में नन्ही राजकुमारी का नामकरण पूरे विधि-विधान और पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। महारानी राधिकाराजे गायकवाड़ अपनी सादगी, भारतीय पहनावे और सौम्य व्यक्तित्व के लिए जानी जाती हैं। देश की सबसे सुंदर महारानियों में गिनी जाने वाली राधिकाराजे को फोर्ब्स और अंतरराष्ट्रीय फैशन पत्रिकाओं में भी विशेष स्थान मिल चुका है। ऐसे में उनके मातृत्व के इस पहले क्षण ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। पीली साड़ी में दिखा मातृत्व का तेज नामकरण समारोह के अवसर पर महारानी राधिकाराजे गायकवाड़ पीले रंग की पारंपरिक साड़ी में नजर आईं। सिर पर पल्लू, चेहरे पर सौम्यता और मातृत्व की स्वाभाविक आभा ...
तलाक के बाद बदला समाज का रवैया: रिश्ता टूटने पर महिलाओं को क्यों झेलना पड़ता है भेदभाव?
Life Style

तलाक के बाद बदला समाज का रवैया: रिश्ता टूटने पर महिलाओं को क्यों झेलना पड़ता है भेदभाव?

नई दिल्ली। शादी टूटने का दर्द पति और पत्नी—दोनों का होता है, लेकिन समाज की नजर में तलाक का बोझ अक्सर सिर्फ महिला के हिस्से आता है। तलाक के बाद जहां पुरुषों को सहानुभूति और समर्थन मिलता है, वहीं महिलाओं को ताने, शक और सामाजिक दूरी का सामना करना पड़ता है। सवाल यह है कि आखिर रिश्ता टूटने पर महिलाओं के साथ भेदभाव क्यों किया जाता है? रिलेशनशिप काउंसलर डॉ. माधवी सेठ के अनुसार, किसी भी महिला के लिए तलाक का फैसला आसान नहीं होता। अधिकांश महिलाएं हर हाल में शादी बचाने की कोशिश करती हैं। कई महिलाएं बच्चों की खातिर शोषण और मानसिक प्रताड़ना सहते हुए भी विवाह में बनी रहती हैं। जब हालात असहनीय हो जाते हैं, तब मजबूरी में तलाक का निर्णय लिया जाता है। भारत में तलाक: बदलती सोच, लेकिन अधूरा बदलाव दुनिया के अन्य देशों की तुलना में भारत में तलाक की दर अभी भी कम—करीब 1 प्रतिशत—है। हालांकि, बीते कुछ वर्षों में...
सादगी में दिखा शाही अंदाज़: फर्शी सलवार और ढीले कुर्ते में छाईं हिमांशी खुराना ‘पंजाब की ऐश्वर्या’ का देसी लुक सोशल मीडिया पर वायरल
Life Style

सादगी में दिखा शाही अंदाज़: फर्शी सलवार और ढीले कुर्ते में छाईं हिमांशी खुराना ‘पंजाब की ऐश्वर्या’ का देसी लुक सोशल मीडिया पर वायरल

नई दिल्ली। ‘पंजाब की ऐश्वर्या’ के नाम से मशहूर अभिनेत्री और मॉडल हिमांशी खुराना एक बार फिर अपने सादे लेकिन शालीन अंदाज़ को लेकर चर्चा में हैं। हिमांशी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपनी कुछ तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें वह ढीले-ढाले कुर्ते और फर्शी सलवार में नजर आ रही हैं। उनका यह देसी लुक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और प्रशंसकों से खूब सराहना बटोर रहा है। हिमांशी खुराना अपनी नशीली आंखों, सादगी और सहज स्टाइल के लिए जानी जाती हैं। ऐश्वर्या राय से मिलती-जुलती उनकी आंखों और चेहरे की मासूमियत के कारण ही उन्हें ‘पंजाब की ऐश्वर्या’ कहा जाता है। इस बार उन्होंने ग्लैमर से दूर रहकर पारंपरिक और आरामदायक परिधान में अपनी प्राकृतिक सुंदरता को सामने रखा है। 4999 रुपये का कुर्ता सेट बना चर्चा का विषय हिमांशी ने इस मौके पर ‘प्योर (Pyoor)’ लेबल का आइवरी रंग का फर्शी कुर्ता सेट पहना है, जिसकी की...
बसंत पंचमी पर 10 मिनट में तैयार करें पारंपरिक केसरिया चावल की खीर कुकर में सिर्फ एक सीटी, स्वाद बिल्कुल मंदिर-सा
Life Style

बसंत पंचमी पर 10 मिनट में तैयार करें पारंपरिक केसरिया चावल की खीर कुकर में सिर्फ एक सीटी, स्वाद बिल्कुल मंदिर-सा

नई दिल्ली। बसंत पंचमी का पर्व ज्ञान, कला और विद्या की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है। इस दिन पीले रंग का विशेष महत्व माना जाता है और घरों में केसरिया पकवान बनाना शुभ समझा जाता है। परंपरागत रूप से केसरिया चावल की खीर बनाने में घंटों का समय लगता है, लेकिन प्रसिद्ध यूट्यूबर और कुकिंग एक्सपर्ट निशा मधुलिका ने इसकी एक आसान और त्वरित विधि साझा की है, जिससे महज 10 मिनट में कुकर में पारंपरिक स्वाद वाली खीर तैयार की जा सकती है। इस विधि में कुकर में केवल एक सीटी लगाकर खीर बनाई जाती है और बाद में गर्म दूध मिलाकर उसे वही गाढ़ापन और मलाईदार स्वाद दिया जाता है, जो लंबे समय तक दूध कड़ाने से मिलता है। चावल और केसर की तैयारी खीर बनाने के लिए एक तिहाई कप छोटे दाने वाले चावल लें। इन्हें दो बार साफ पानी से धोकर 20 मिनट के लिए भिगो दें। इसी दौरान गुनगुने दूध में केसर के कुछ धागे डालकर अलग रख दें, जिससे...
51 साल की काजोल 22 साल की बेटी से भी आगे, वाइट आउटफिट में दिखीं स्टाइलिश और इतराती
Life Style

51 साल की काजोल 22 साल की बेटी से भी आगे, वाइट आउटफिट में दिखीं स्टाइलिश और इतराती

      51 साल की काजोल हमेशा से ही बॉलीवुड फैंस की फेवरेट रही हैं। एक्टिंग के साथ-साथ उनका फैशन सेंस भी हर बार लोगों का ध्यान खींचता है। देसी और स्टाइलिश दोनों ही रूपों में काजोल का अंदाज हमेशा खास लगता है। इस बार उन्होंने सफेद रंग के आउटफिट में ऐसा लुक दिखाया कि 22 साल की बेटी नीसा देवगन भी उनके पीछे रह गई।   वाइट आउटफिट में काजोल का कमाल   काजोल ने इस बार वाइट टॉप के साथ पैंट्स और जैकेट पहनकर अपने स्टाइलिश अंदाज का जादू बिखेरा। उनके इस आउटफिट में सफेद रंग का दोहराव लुक को और भी एलिगेंट बना रहा था। हाथों में पन्ने जड़ी अंगूठियां और Rhinestone वॉले नेकपीस ने लुक में शाइन और ग्लैमर जोड़ दिया।   काजोल का यह लुक रोहित गांधी + राहुल खन्ना के ब्रांड का था और इसे सेलिब्रिटी फैशन स्टाइलिस्ट मोहित राय ने स्टाइल किया।   आउटफिट की खासियतें   स्लीवल...
बर्तन घिसने वाले जूने से घर पर बनाएं जूड़ा, 5 मिनट में तैयार हो जाएँ शादी-पार्टी के लिए
Life Style

बर्तन घिसने वाले जूने से घर पर बनाएं जूड़ा, 5 मिनट में तैयार हो जाएँ शादी-पार्टी के लिए

      शादी और पार्टियों का सीजन अपने पूरे रंग में है। इस दौरान हर कोई किसी न किसी शादी या इवेंट में जाने के लिए तैयार होता है। लेकिन कोई भी समारोह बिना सुंदर हेयरस्टाइल के अधूरा लगता है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि कैसे आप घर पर ही कुछ मिनटों में खूबसूरत जूड़ा तैयार कर सकती हैं।   तैयार होने में आती हैं ये समस्याएं   अक्सर यह माना जाता है कि लड़कियों को सजना-संवरना बहुत पसंद है, लेकिन वास्तविकता यह है कि कई महिलाएं सिर्फ तैयार होने का आसान तरीका खोजती हैं। इसमें सबसे बड़ी परेशानी आती है हेयरस्टाइल बनाने में।   सिर्फ बालों को खुला छोड़ देने से हर कपड़े के साथ यह मेल नहीं खाता। खासकर साड़ी और लहंगे जैसी ट्रेडिशनल ड्रेस के साथ, चेहरे के मेकअप और कपड़ों के रंग के अनुरूप जूड़ा बहुत ही बेहतरीन विकल्प होता है।   जूड़ा बनाने में क्यों आती है दिक्कत &nbs...
अमेरिका से भारत आए मरीज की दुनिया की पहली दोहरी रोबोट सर्जरी
Life Style

अमेरिका से भारत आए मरीज की दुनिया की पहली दोहरी रोबोट सर्जरी

    भारत में मेडिकल जगत में एक ऐतिहासिक सफलता दर्ज की गई है। बेंगलुरु के फोर्टिस हॉस्पिटल में पहली बार एक ही एनेस्थीसिया सेशन में दो खतरनाक बीमारियों का रोबोटिक सर्जरी के जरिए इलाज किया गया। यह सर्जरी न केवल भारत की चिकित्सा क्षमताओं को प्रदर्शित करती है, बल्कि विश्व स्तर पर भी इसकी मिसाल है।   56 वर्षीय प्रवासी भारतीय मरीज को कोरोनरी आर्टरी ब्लॉकेज और प्रोस्टेट कैंसर दोनों का निदान हुआ था। सामान्यतः इन दोनों बीमारियों का इलाज अलग-अलग सर्जरी से किया जाता है, लेकिन इस मामले में डॉक्टरों ने इन दोनों ऑपरेशनों को एक ही सिटिंग में सुरक्षित और सफलतापूर्वक संपन्न किया।   सर्जरी का विवरण:   रोबोटिक हार्ट बायपास (MIDCAB): MICS & Robotic Cardiac Surgery के डायरेक्टर डॉ. सुदर्शन जी टी के अनुसार, हार्ट बायपास सर्जरी सिर्फ 1.5 घंटे में पूरी की गई। इसमें मरीज की छात...