
नई दिल्ली।
अगर घर में लगा गुड़हल का पौधा सुस्त पड़ गया है, उसमें कलियां नहीं बन रहीं या फूल छोटे आकार के आ रहे हैं, तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार, महंगे केमिकल फर्टिलाइजर की जगह रसोई में मौजूद एक साधारण आलू से यह समस्या आसानी से दूर की जा सकती है।
गार्डनिंग एक्सपर्ट के मुताबिक, गुड़हल को ‘हैवी फीडर’ पौधा माना जाता है। यानी इसकी अच्छी बढ़वार और भरपूर फूलों के लिए मिट्टी में पोटैशियम, फॉस्फोरस और खनिज तत्वों की पर्याप्त मात्रा जरूरी होती है। आलू इन सभी पोषक तत्वों का प्राकृतिक स्रोत है और इसका लिक्विड फर्टिलाइजर पौधे को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ फूलों की संख्या और आकार दोनों बढ़ाता है।
क्यों असरदार है आलू
आलू में मौजूद पोटैशियम फूलों के विकास में अहम भूमिका निभाता है। वहीं फॉस्फोरस जड़ों को मजबूत करता है और स्टार्च पौधे को अतिरिक्त ऊर्जा देता है। आलू से बना तरल खाद मिट्टी के पीएच स्तर को संतुलित करता है और जड़ों तक सीधे पोषण पहुंचाता है।
खाद बनाने के लिए जरूरी सामग्री
इस घरेलू फर्टिलाइजर को तैयार करने के लिए केवल
- एक मध्यम आकार का कच्चा आलू
- आधा लीटर साफ पानी
की जरूरत होती है। ध्यान रखें कि आलू सड़ा हुआ न हो। छिलकों की जगह पूरा आलू इस्तेमाल करने से बेहतर परिणाम मिलते हैं।
घोल तैयार करने की विधि
सबसे पहले आलू को अच्छी तरह धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें। मिक्सर में थोड़ा पानी डालकर इसे बारीक पीस लें और गाढ़ा पेस्ट बना लें।
अब इस पेस्ट को आधा लीटर पानी में मिलाएं और सूती कपड़े या बारीक छलनी से छान लें। छानना जरूरी है, ताकि मोटे कण मिट्टी में जमा न हों और फंगस या कीड़े न लगें।
इस्तेमाल करने का सही तरीका
इस आलू के तरल खाद को गुड़हल के गमले की मिट्टी में डालें। डालने से पहले मिट्टी की हल्की गुड़ाई कर लें, जिससे घोल सीधे जड़ों तक पहुंच सके। खाद देने का सबसे अच्छा समय सुबह या शाम का माना जाता है।
कितनी बार डालें
इस प्राकृतिक खाद को हर 15 दिन में एक बार देना पर्याप्त है। ज्यादा मात्रा या रोजाना इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि मिट्टी को पोषक तत्वों को अवशोषित करने के लिए समय चाहिए।
क्या मिलेगा फायदा
नियमित रूप से इस घोल के इस्तेमाल से पौधे में
- नई कलियों की भरपूर बढ़ोतरी
- कलियों के झड़ने की समस्या में कमी
- फूलों का आकार बड़ा और रंग गहरा
- पत्तियां हरी और चमकदार
होने लगती हैं।
निष्कर्षतः, यह आसान और सस्ता घरेलू नुस्खा गुड़हल को फिर से हरा-भरा और फूलों से लदा हुआ बनाने में कारगर साबित हो सकता है।