Sunday, January 25

शाही परंपरा में नन्ही राजकुमारी का स्वागत मां बनीं महारानी राधिकाराजे गायकवाड़, चांदी के पालने में हुआ नामकरण

बड़ौदा।
बड़ौदा राजघराने की महारानी राधिकाराजे गायकवाड़ जब पहली बार मां बनीं, तो यह क्षण केवल पारिवारिक नहीं, बल्कि शाही परंपरा और भारतीय संस्कृति का सुंदर उदाहरण भी बन गया। लक्ष्मी विलास पैलेस के भव्य दरबार हॉल में चांदी के पालने में नन्ही राजकुमारी का नामकरण पूरे विधि-विधान और पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

This slideshow requires JavaScript.

महारानी राधिकाराजे गायकवाड़ अपनी सादगी, भारतीय पहनावे और सौम्य व्यक्तित्व के लिए जानी जाती हैं। देश की सबसे सुंदर महारानियों में गिनी जाने वाली राधिकाराजे को फोर्ब्स और अंतरराष्ट्रीय फैशन पत्रिकाओं में भी विशेष स्थान मिल चुका है। ऐसे में उनके मातृत्व के इस पहले क्षण ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा।

पीली साड़ी में दिखा मातृत्व का तेज

नामकरण समारोह के अवसर पर महारानी राधिकाराजे गायकवाड़ पीले रंग की पारंपरिक साड़ी में नजर आईं। सिर पर पल्लू, चेहरे पर सौम्यता और मातृत्व की स्वाभाविक आभा उनके व्यक्तित्व को और भी गरिमामय बना रही थी। चौड़े सुनहरे बॉर्डर और बारीक जरी कार्य से सजी साड़ी ने शाही परंपरा को पूरी भव्यता के साथ दर्शाया।

राजकुमारी पद्मजाराजे का नामकरण

इस समारोह में महाराजा समरजीत सिंह गायकवाड़ की गोद में नन्ही राजकुमारी नजर आईं। गुलाबी रंग की फ्रॉक में सजी राजकुमारी को परिवार के सदस्यों ने चांदी के पालने में झुलाकर आशीर्वाद दिया। इसी अवसर पर बच्ची का नाम पद्मजाराजे गायकवाड़ रखा गया। आज वही राजकुमारी 19 वर्ष की हो चुकी हैं।

शाही आभूषणों से सजा पारंपरिक रूप

महारानी ने अपने परिधान के साथ पारंपरिक आभूषण पहने—गले में मंगलसूत्र और चोकर, मराठी शैली की नथ तथा हाथों में हरी चूड़ियां। सादगी और शाही ठाठ का यह संतुलन उनके व्यक्तित्व की पहचान बन गया।

परिवार संग संस्कृति का उत्सव

नामकरण समारोह में पूरा राजपरिवार भारतीय परिधानों में नजर आया। महिलाएं साड़ियों में और पुरुष कुर्ता-पायजामा में सजे दिखे। पूरे वातावरण में परंपरा, श्रद्धा और पारिवारिक आनंद की झलक साफ दिखाई दी।

निष्कर्षतः, यह आयोजन केवल एक शाही नामकरण नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और परंपराओं का जीवंत उदाहरण था, जिसमें महारानी राधिकाराजे गायकवाड़ का मातृत्व और सादगी सभी का दिल जीत ले गई।

 

Leave a Reply