Friday, June 5

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बड़वानी में दुर्लभ सर्जरी: 9 माह के मासूम के गले में डेढ़ महीने तक फंसा रहा मंगलसूत्र का पेंडेंट, डॉक्टरों ने बचाई जान

बड़वानी। ग्राम करी निवासी नरसिंह वास्कले के नौ माह के बेटे विवान की लगातार सर्दी–खांसी ने परिजनों को चिंतित कर दिया। सामान्य इलाज के बाद भी जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो चिकित्सकों ने एक्स-रे जांच कराई। रिपोर्ट सामने आते ही परिवार के होश उड़ गए—बच्चे के गले में धातु का पेंडेंट फंसा हुआ दिखाई दिया, जो करीब डेढ़ महीने से अंदर ही अटका था

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परिजन तुरंत विवान को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां नाक-कान-गला विशेषज्ञ डॉ. अनुपम बत्रा ने जोखिमपूर्ण मानी जा रही सर्जरी को चुनौती के रूप में स्वीकार किया। एनेस्थेटिक टीम की मदद से सावधानीपूर्वक ऑपरेशन कर पेंडेंट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। ऑपरेशन के बाद दो दिन ऑब्जर्वेशन में रखने के उपरांत बच्चे को रविवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। फिलहाल उसकी सेहत पूरी तरह स्थिर है।

गणेश चतुर्थी के समय गायब हुआ था पेंडेंट

परिवार ने बताया कि गणेश चतुर्थी के दौरान विवान की मां के मंगलसूत्र का पेंडेंट गायब हो गया था। परिजन इसे सामान्य लापरवाही समझकर भूल गए। किसी को अंदाजा नहीं था कि मासूम ने पेंडेंट निगल लिया है और वह गले में फंस गया है।

बड़ा खतरा टल गया

डॉ. बत्रा के अनुसार धातु का यह टुकड़ा यदि आहार नली से होते हुए पेट या आंतों में पहुंच जाता तो गंभीर स्थिति बन सकती थी। उन्होंने कहा,
“दूधमुंहे बच्चों को यह नहीं पता होता कि क्या खाया जा सकता है। छोटी सी चूक बड़ा हादसा बन सकती है। माता–पिता बच्चों के आसपास रखी छोटी वस्तुओं को लेकर विशेष सतर्कता बरतें।”

सावधानी ही सुरक्षा

इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि छोटे बच्चों को पलभर के लिए भी असावधान नहीं छोड़ा जाना चाहिए। खिलौनों, गहनों और धातु की छोटी वस्तुओं को उनकी पहुंच से दूर रखना बेहद जरूरी है, वरना अनजानी लापरवाही घातक साबित हो सकती है।

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