
मुंबई (महाराष्ट्र) – महाराष्ट्र विधानसभा और विधानपरिषद के बजट सत्र के पहले दिन दिवंगत डिप्टी सीएम अजित पवार को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य के इस सम्मानित नेता के साथ अपने व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंधों को याद किया।
फडणवीस ने कहा – “सबसे काबिल मुख्यमंत्री खो गया”
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने शोक प्रस्ताव के दौरान कहा, “राज्य ने एक ऐसा नेता खो दिया जो महाराष्ट्र का सबसे काबिल मुख्यमंत्री बन सकता था। अजित दादा और मेरा जन्मदिन एक ही दिन आता था। वह मुझसे 11 साल बड़े थे और मेरे लिए जैसे बड़े भाई थे। उनका जाना हमारे लिए अपूरणीय क्षति है। अजित दादा हमेशा समय के पाबंद और अपने काम के प्रति समर्पित थे।”
शिंदे ने साझा की यादें
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा, “राजनीति में आपके कई फैसले सही थे, लेकिन दुनिया छोड़ने का यह फैसला गलत साबित हुआ। इसे वापस लें और लौट आइए। अजित और मैं राज्य की स्थिरता का एक मजबूत त्रिकोण थे। उनका जाना महाराष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है।”
उद्धव ठाकरे ने कहा – “अजित जैसा भरोसेमंद दोस्त नहीं मिलेगा”
पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा, “राजनीति में लोग आते-जाते हैं, लेकिन अजित दादा जैसा दिलदार और भरोसेमंद दोस्त खोना अपूरणीय क्षति है। कोरोना काल में राज्य की अर्थव्यवस्था को संभालने में उनकी भूमिका अतुलनीय थी। उनकी मेज पर हर चीज व्यवस्थित रहती थी, बिल्कुल बालासाहेब ठाकरे की तरह।”
राज्यपाल और अन्य नेताओं की श्रद्धांजलि
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि अजित दादा ने लोगों के मन में ‘काम करने वाले आदमी’ की पहचान बनाई। वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने उनकी तुलना बरगद के पेड़ से की, जो गिरने पर अपनी अहमियत दिखाता है। एनसीपी कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, अभिनेता नाना पाटेकर, पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे और पूर्व सीजेआई बी आर गवई भी श्रद्धांजलि अर्पित करने आए।
मुंबई में आयोजित सर्वदलीय शोकसभा
मुंबई में हुई शोकसभा में उद्योगपति मुकेश अंबानी और गौतम अडानी सहित कई बड़े गणमान्य नागरिकों ने भी अजित पवार को याद किया। इस मौके पर उनके बेटे जय पवार और पत्नी सुनेत्रा पवार, जो डिप्टी सीएम बनीं, उपस्थित रहीं।
फडणवीस, शिंदे और ठाकरे की भावपूर्ण श्रद्धांजलि ने महाराष्ट्र के राजनीति और समाज पर अजित पवार की गहरी छवि और अपूरणीय योगदान को उजागर किया।
