
बारां (राजस्थान) – भिवाड़ी हादसे की भयावहता के बाद राजस्थान पुलिस ने अब जमीन पर कड़ा संदेश दिया है। बारां जिले के मंडोला में ‘आरडी ब्रदर्स’ के अवैध पटाखा गोदामों पर तीन दिन तक चली कार्रवाई ने शहर को किसी बड़े हादसे से बचा लिया। इस दौरान पुलिस ने 2 लाख 31 हजार किलो बारूद और 338 क्विंटल सूतली बम बरामद किए।
भिवाड़ी जैसा हादसा टला
भिवाड़ी में हुए भीषण ब्लास्ट के बाद पुलिस महानिदेशक ने सभी जिलों में अवैध विस्फोटक और पटाखा फैक्ट्रियों की जांच के आदेश दिए थे। इसी सक्रियता के बीच बारां एसपी अभिषेक अंदासु को 20 फरवरी को सूचना मिली कि मंडोला में रिहायशी इलाके के पास भारी मात्रा में अवैध विस्फोटक जमा है। जब पुलिस ने छापा मारा तो स्थिति खौफनाक थी।
लाइसेंस मात्र 1 लाख 20 हजार किलो का था, लेकिन गोदाम में दोगुना से अधिक 2,31,300 किलो बारूद रखा गया था। यदि यहां एक भी चिंगारी लगती, तो पूरे इलाके में तबाही मच सकती थी।
तीन दिन चला ‘ऑपरेशन मंडोला’
एएसपी राजेश चौधरी और प्रशिक्षु आरपीएस भजनलाल के नेतृत्व में कार्रवाई 22 फरवरी तक चली। इस दौरान नगर परिषद, एफएसएल और बम डिस्पोजल स्क्वाड की टीमें भी तैनात रहीं।
गोदाम की छतों और टीन शेड पर नीले रंग के सूतली बम सूखने के लिए रखे गए थे। पुलिस ने 1350 कट्टों में 338 क्विंटल सूतली बम, 12 क्विंटल पोटेशियम नाइट्रेट, सल्फर, चारकोल, एल्युमिनियम पाउडर और नीला थोथा जब्त किया।
सुरक्षा व्यवस्था ‘शून्य’, तीनों गोदाम सील
जांच में सामने आया कि गोदामों में फायर सेफ्टी का कोई इंतजाम नहीं था। पटाखों और अवैध पैकिंग मशीनों के साथ 1918 क्विंटल पटाखे और 5500 कार्टून जब्त किए गए। पुलिस ने तीनों गोदामों को सील कर दिया।
पुलिस का संदेश
एसपी अभिषेक अंदासु ने कहा, “भिवाड़ी हादसे से सबक लेते हुए अब किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” किशनगंज थानाधिकारी रमेशचंद मैरोठा पूरे नेटवर्क की जांच कर रहे हैं कि इतना भारी बारूद कहाँ से आया और कहां भेजा जाना था।
बारां पुलिस की यह कार्रवाई साबित कर देती है कि अगर प्रशासन सक्रिय हो, तो बड़े हादसों को वक्त रहते रोका जा सकता है।
