Thursday, February 19

राजस्थान में खाटू श्याम जी बने सबसे बड़े आस्था केंद्र, 2025 में 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

जयपुर। राजस्थान में धार्मिक पर्यटन लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। वर्ष 2025 में प्रदेश के प्रमुख 10 धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में राजस्थान के इन प्रमुख मंदिरों में कुल 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जो वर्ष 2024 की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है।

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इस सूची में सीकर जिले का प्रसिद्ध खाटू श्याम जी मंदिर सबसे आगे रहा, जहां करीब 2.54 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे। लोकप्रियता के मामले में खाटू श्याम मंदिर ने देश के कई बड़े तीर्थस्थलों को पीछे छोड़ते हुए राजस्थान में आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बनने का गौरव प्राप्त किया है।

पूंछरी का लौठा में रिकॉर्ड उछाल, एक साल में 54 प्रतिशत बढ़े श्रद्धालु

प्रदेश में श्रद्धालुओं की संख्या में सबसे तेज बढ़ोतरी डीग जिले के पूंछरी का लौठा मंदिर में दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यकाल में यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में 54 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह आंकड़ा बढ़कर करीब डेढ़ करोड़ तक पहुंच गया है।

इस बढ़ोतरी के साथ पूंछरी का लौठा मंदिर राजस्थान के प्रमुख धार्मिक स्थलों में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है और उसने पुष्कर मंदिर को पीछे छोड़ दिया है।

शिवाड़ मंदिर की रैंकिंग गिरी, गोगामेड़ी मंदिर ऊपर चढ़ा

पर्यटन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बुनियादी सुविधाओं की कमी और व्यवस्थाओं में कमी के चलते सवाई माधोपुर जिले का शिवाड़ मंदिर श्रद्धालुओं की संख्या में गिरावट के कारण नौवें स्थान से खिसककर दसवें स्थान पर पहुंच गया।

वहीं दूसरी ओर, श्रद्धालुओं में हल्की कमी के बावजूद हनुमानगढ़ का गोगामेड़ी मंदिर दसवें स्थान से आगे बढ़कर नौवें स्थान पर आ गया।

इसके अलावा सालासर बालाजी, अजमेर दरगाह शरीफ, रामदेवरा, और कैलादेवी मंदिर अपनी-अपनी रैंकिंग में स्थिर बने रहे, जबकि सांवलियाजी मंदिर तीसरे स्थान से फिसलकर चौथे स्थान पर आ गया।

राजस्थान के प्रमुख धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं की संख्या (2025)

  1. खाटू श्याम मंदिर, सीकर – 2.58 करोड़ (9.30% वृद्धि)

  2. पूंछरी का लौठा, डीग – 1.47 करोड़ (54% वृद्धि)

  3. पुष्कर मंदिर, अजमेर – 1.32 करोड़ (6.20% वृद्धि)

  4. सांवलियाजी मंदिर, चित्तौड़गढ़ – 1.19 करोड़ (11.70% वृद्धि)

  5. अजमेर दरगाह शरीफ, अजमेर – 84.61 लाख (14.50% वृद्धि)

  6. रामदेवरा मंदिर, जैसलमेर – 72.33 लाख (2% वृद्धि)

  7. कैलादेवी मंदिर, करौली – 65.34 लाख (0.80% गिरावट)

  8. सालासर बालाजी मंदिर, चूरू – 53.61 लाख (7.50% वृद्धि)

  9. गोगामेड़ी मंदिर, हनुमानगढ़ – 42.05 लाख (0.30% गिरावट)

  10. शिवाड़ मंदिर, सवाई माधोपुर – 33.63 लाख (29.70% गिरावट)

धार्मिक पर्यटन से व्यापार और रोजगार को मिला बड़ा सहारा

फोर्टी (FORTI) अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने कहा कि धार्मिक पर्यटन से राजस्थान में परिवहन, होटल उद्योग, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार को बड़ा लाभ मिल रहा है। खाटू श्याम क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियां कई गुना बढ़ गई हैं।

उन्होंने सरकार से मांग की कि धार्मिक सर्किट को मजबूत किया जाए और मंदिरों में ऑनलाइन दर्शन बुकिंग व्यवस्था लागू की जाए, जिससे भीड़ प्रबंधन बेहतर हो सके।

पूंछरी का लौठा के विकास पर सरकार का विशेष फोकस

राज्य सरकार ने पूंछरी का लौठा क्षेत्र को पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए विशेष योजनाएं बनाई हैं। वित्त मंत्री दिया कुमारी ने हालिया बजट में यहां 100 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक ब्रज कन्वेंशन सेंटर बनाने की घोषणा की है।

इस परियोजना में ठहरने के लिए आधुनिक कमरे, प्रदर्शनी स्थल और पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही सड़क चौड़ीकरण और ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग के सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव भी शामिल है।

इसके अतिरिक्त अनिल अग्रवाल फाउंडेशन द्वारा भी मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई है।

प्रदेश में मंदिरों की संख्या भी बड़ी

एक अनुमान के अनुसार राजस्थान में लगभग 39,392 मंदिर हैं, जबकि पूरे भारत में हिंदू मंदिरों की संख्या लगभग 7.5 लाख मानी जाती है। प्रति एक लाख आबादी पर राजस्थान में औसतन 47 मंदिर हैं। मंदिरों की संख्या के मामले में तमिलनाडु देश में पहले स्थान पर है, जबकि राजस्थान छठे स्थान पर आता है।

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