
आगरा/मुंबई। कुछ दिनों पहले फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने आगरा के बिजौली गांव में दबिश देकर विष्णु कुशवाहा को गिरफ्तार किया। विष्णु, जो फौजी बनने का सपना देखता था, अब लॉरेंस बिश्नोई गैंग का शूटर बनकर सामने आया।
गांव वालों और परिवार की चौंकाने वाली खबर
विष्णु कुशवाहा की गिरफ्तारी के बाद उसके माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता सूरजपाल कुशवाहा ने बताया कि विष्णु बीए तक पढ़ा था और दो महीने पहले दिल्ली से गांव लौटा था। वह सुबह और शाम गांव के जिम में रहता था और खेती-बाड़ी तथा ट्रैक्टर चलाकर जीवनयापन करता था। पिता ने आरोप लगाया कि उसका बेटा प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू से मिला और उसी ने उसे अपराध की ओर ढकेला।
प्रदीप शर्मा का अपराध इतिहास
प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू को जून 2025 में दिल्ली पुलिस ने राजस्थान के एक कारोबारी पर जानलेवा हमला करने के मामले में गिरफ्तार किया था। जमानत पर छूटने के बाद वह फिर से अपराध में लिप्त हो गया। 16 जनवरी 2026 को दिल्ली पुलिस ने उसे उत्तर नगर से गिरफ्तार किया।
एसटीएफ की गोपनीय कार्रवाई
मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच ने विष्णु की गिरफ्तारी के लिए यूपी और हरियाणा एसटीएफ की मदद ली। कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई कि स्थानीय पुलिस को भी भनक नहीं लगी।
शूटर और गैंग के बीच अहम कड़ी
सूत्रों के अनुसार, विष्णु कुशवाहा शूटरों और गैंग के बीच अहम कड़ी था। उसने मुख्य आरोपी दीपक और उसके साथियों से संपर्क कर रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया। इस मामले में गाजियाबाद से जतिन भारद्वाज और विशाल को भी गिरफ्तार किया गया है।
