Tuesday, February 17

बांग्लादेश और भारत के रिश्तों में शेख हसीना बाधा नहीं, तारिक रहमान की पार्टी का बड़ा बयान

नई दिल्ली/ढाका: बांग्लादेश में नई सरकार बनने जा रही है और ऐसे समय में पूर्व पीएम शेख हसीना भारत में मौजूद हैं। इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि यह स्थिति भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में बाधा बन सकती है। लेकिन बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने स्पष्ट किया है कि ऐसा नहीं होगा।

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तारिक रहमान होंगे प्रधानमंत्री
BNP की भारी जीत के बाद नेता और पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान आज प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। BNP महासचिव फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा कि शेख हसीना की भारत में मौजूदगी साझा रिश्तों में कोई बाधा नहीं बनाएगी। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि कानूनी प्रक्रिया के तहत भारत हसीना के मामले पर विचार करेगा, लेकिन इसका द्विपक्षीय संबंधों पर नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।

सरकार और सुरक्षा पर चुनौती
दो दिन पहले BNP के सलाहकार हुमायूं कबीर ने हसीना को आतंकी बताया था। अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने इस्तीफा दे दिया। उनके राज में जमात-ए-इस्लामी की वजह से रोजाना हिंसा होती थी। BNP ने 77 सीटें जीतकर सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, अवामी लीग के नेता शमीकुल इस्लाम की गाइबांधा जेल में मौत हो गई।

कैबिनेट और धर्म-समानता
BNP 30-40 सदस्यों की कैबिनेट बनाने जा रही है। हुमायूं कबीर विदेश मंत्री बन सकते हैं। साथ ही, सलाहुद्दीन अहमद, डॉ. रजा किबरिया, मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर समेत कई नेताओं को मंत्री पद मिल सकता है। पार्टी से दो हिंदू सांसद चुने गए हैं, जिनमें गोयेश्वर चंद्र रॉय को मंत्री पद मिलने की संभावना है।

शपथ ग्रहण समारोह
आज के समारोह में 1200 से अधिक विदेशी मेहमान शामिल होंगे। इनमें भारत के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, भूटान के पीएम शेरिंग तोबगे, पाकिस्तान के योजना मंत्री अहसान इकबाल शामिल हैं।

भारत के लिए चुनौती
नई BNP सरकार के साथ भारत समेत विदेशी रिश्तों को संवारना बड़ी चुनौती होगी। पूर्व अंतरिम मुखिया यूनुस ने पाकिस्तान को अधिक अहमियत दी थी। जमात-ए-इस्लामी की बढ़ती ताकत और पश्चिम बंगाल से लगते सीमांत इलाकों में उसकी जीत भारत के लिए सुरक्षा चुनौती पेश कर सकती है।

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