
नई दिल्ली/मुंबई: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मंगलवार को भारत पहुंचे। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। मुंबई हवाईअड्डे पर उनका स्वागत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और दोनों नेता इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 का उद्घाटन करेंगे।
फ्रांस राष्ट्रपति का हाईटेक विमान
मैक्रों का विमान एडवांस्ड एयरबस A330-200 (F-RARF) है, जिसे अक्सर ‘कोटाम 001’ कॉल साइन के तहत संचालित किया जाता है। यह विमान एडवांस्ड सुरक्षा, लंबी दूरी की क्षमता और उड़ते हुए कमांड सेंटर के रूप में कार्य करता है। वीवीआईपी के लिए सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम से लैस यह विमान किसी भी आपात स्थिति में राष्ट्रपति को सुरक्षित रूप से कमान संभालने में सक्षम है।
विमान के खास फीचर
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मीटिंग रूम: विमान के अंदर बैठकर राष्ट्रपति और उनके सहकर्मी महत्वपूर्ण बैठकें कर सकते हैं।
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प्राइवेट बेडरूम: राष्ट्रपति के आराम के लिए निजी बेडरूम।
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एडवांस्ड कम्युनिकेशन सेंटर: सुरक्षित हॉटलाइन और डेटा लिंक के साथ आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम।
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एडवांस्ड मिसाइल सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट: विमान को किसी भी खतरे से सुरक्षित रखने के लिए।
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लंबी दूरी की उड़ान क्षमता: बिना रुके दुनिया के किसी भी कोने में पहुंचने की क्षमता।
भारत दौरे की खासियत
राष्ट्रपति मैक्रों भारत में 17 से 19 फरवरी तक रहेंगे। यह उनका भारत का चौथा दौरा और मुंबई में पहला ऑफिशियल कार्यक्रम है। मुंबई में पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक में भारत–फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा होगी।
मैक्रों भारत सरकार के निमंत्रण पर एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे। इस अवसर पर दोनों नेता उद्योगपतियों, स्टार्टअप संस्थापकों, शोधकर्ताओं और नवाचार से जुड़े लोगों के साथ विचार-विमर्श करेंगे।
